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दिल्ली पुलिस पर हमला कर मकोका के आरोपी छुड़ाए

यूपी के मुरादनगर थानाक्षेत्र में स्थित गांव रेवड़ा-रेवड़ी में सोमवार सुबह मकोका के आरोपी सगे भाइयों को पकड़ने आई दिल्ली पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने दोनों भाइयों को छुड़ा लिया। पुलिस ने सात नामजद सहित 14 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, ग्रामीणों ने पुलिस पर महिलाओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।

गांव रेवड़ा-रेवड़ी निवासी सगे भाई भूपेन्द्र कसाना, नरेन्द्र कसाना और मंगतराम काफी समय से दिल्ली के शिव विहार स्थित गली नंबर एक में रह रहे हैं। दिल्ली के करावल नगर थाने में भूपेन्द्र कसाना, नरेन्द्र कसाना और मंगतराम कसाना के खिलाफ मकोका के तहत रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस मंगतराम कसाना को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि भूपेंद्र और नरेंद्र भाई फरार हैं। सोमवार सुबह साढ़े दस बजे करावल नगर थाने में तैनात दरोगा संदीप कुमार, सिपाही सचिन कुमार, सचिन राणा और हवलदार कर्मवीर के साथ कार से दोनों भाइयों को पकड़ने गांव रेवड़ा-रेवड़ी पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के घर की घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। इसी बीच नरेंद्र ने बदमाश आने का शोर मचा दिया, जिसे शोर सुनकर आसपास के लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों की कार तोड़ दी और उनसे मारपीट की। इसी का फायदा उठाकर आरोपी पुलिसकर्मियों को धक्का देकर दस फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए। पुलिस और ग्रामीणों के बीच एक घंटे तक नोकझोंक और गहमा-गहमी चलती रही। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराया। थाना प्रभारी रनवीर सिंह यादव ने बताया कि करावल नगर थाने के दरोगा संदीप कुमार ने आकाश, शिवजी, मांगेराम, सुनीता, रजनी, मनीषा, उर्मिला सहित 14 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

स्थानीय पुलिस को जानकारी नहीं दी

दिल्ली के करावल नगर थाने की पुलिस आरोपी सगे भाइयों को पकड़ने के लिए तीन माह में चार बार गांव रेवड़ा-रेवड़ी में दबिश दे चुकी है। मगर दिल्ली पुलिस ने एक बार भी स्थानीय पुलिस को दबिश की जानकारी तक नहीं दी। सोमवार को भी बिना मुरादनगर थाने में आमद दर्ज कराए दिल्ली के पुलिसकर्मी सादी वर्दी में निजी कार से आरोपियों को पकड़ने आए थे।

महिलाओं से मारपीट का आरोप

आरोपियों के परिजनों ने बताया कि नरेन्द्र कसाना दिल्ली जल बोर्ड में कार्यरत है। नरेन्द्र ने 2016 में सीबीआई को सूचना देकर रंगे हाथों एक दरोगा को रिश्वत लेते हुए पकड़वाया था। इसके चलते पुलिस ने परिवार पर झूठे आरोप लगाए हैं। सोमवार को पुलिस ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की। इसमें छह महिलाओं सहित 15 लोग घायल हो गए।

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  • Web Title:delhi police