
निगम के चार हजार से अधिक सफाईकर्मी की नौकरी पक्की होगी
दिल्ली नगर निगम ने चार हजार से अधिक दैनिक वेतनभोगी सफाईकर्मियों को नियमित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय सदन की बैठक में लिया गया। इसके अलावा, चार नए ठोस अपशिष्ट संसाधन संयंत्र स्थापित करने की मंजूरी भी दी गई है। ये संयंत्र छह महीने में शुरू होंगे।
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। नगर निगम में कार्यरत चार हजार से अधिक दैनिक वेतनभोगी सफाईकर्मी नियमित किए जाएंगे। यह फैसला गुरुवार को दिल्ली नगर निगम के सदन की बैठक में लिया गया। इससे जुड़ा प्रस्ताव सदन में पास हो गया है। इसके साथ ही राजधानी में चार नए ठोस अपशिष्ट संसाधन संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई है। बैठक में पेश प्रस्ताव के मुताबिक, एक अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2015 तक कार्यरत सभी दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। इस प्रस्ताव की मंजूरी के बाद महापौर ने कहा कि बैठक में करुणामूलक आधार पर नियुक्त सभी दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को भी नियमित करने के प्रस्ताव को पास किया गया।
इसका लाभ चार हजार से अधिक दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को मिलेगा। इन कर्मचारियों को नियमित होने के बाद नियमितीकरण पत्र सौंपे जाएंगे। निगम के सदन की बैठक सुबह 11.45 बजे के बाद शुरू हुई। महापौर राजा इकबाल सिंह ने सदन की कार्यवाही शुरू की। इस दौरान सदन में लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए धमाके में मारे गए लोगों के लिए शोक प्रस्ताव पढ़ा गया। इस दौरान सभी पार्षद सदस्यों ने जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। बैठक शुरू होने के बाद विपक्ष के पार्षदों ने सदन में सत्ता पक्ष के खिलाफ दिल्ली में बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान महापौर ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया। सत्ता पक्ष के पास प्रदूषण रोकने के उपाय नहीं : नेता विपक्ष नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया कि एक्यूआई का स्तर लगातार बढ़ रहा है। लोग बीमार हो रहे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष के पास प्रदूषण को नियंत्रित करने का कोई ठोस उपाय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्यूआई निगरानी स्टेशन के पास पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इससे गलत डाटा प्रस्तुत हो रहा है। विपक्ष ने चर्चा में व्यवधान डालने का प्रयास किया : महापौर महापौर राजा इकबाल सिंह ने विपक्ष पर पलटवार किया। महापौर ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि विपक्ष ने सदन की बैठक में पहले की तरह चर्चा में व्यवधान डालने का प्रयास किया। विपक्ष, लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना नहीं चाहता है। वह बार-बार सदन की कार्यवाही में हंगामा करते हैं। सदन की कार्यवाही लगभग एक घंटे तक चली। छह महीने में संयंत्र शुरू होंगे महापौर ने कहा कि बैठक में 361.42 करोड़ रुपये की लागत से 5100 मीट्रिक टन प्रतिदिन की निस्तारण क्षमता वाले चार नए ठोस अपशिष्ट संसाधन संयंत्रों की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। लगभग छह महीनों के अंदर भलस्वा, सिंघोला, नरेला-बवाना और ओखला में यह संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।

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