येलो लाइन पर पांच घंटे रेंगती रही मेट्रो, यात्री बेहाल
दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर शुक्रवार सुबह तकनीकी खामी के कारण 5 घंटे तक मेट्रो की रफ्तार धीमी रही। सिग्नलिंग नेटवर्क में खराबी के चलते यात्रियों को 10-15 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। हौज खास स्टेशन पर...

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन (समयपुर बादली से गुरुग्राम) पर शुक्रवार की सुबह व्यस्ततम समय में पांच घंटे तक मेट्रो रेंगती रही। सिग्नलिंग नेटवर्क में तकनीकी खामी के चलते छह स्टेशनों के बीच मेट्रो को सीमित रफ्तार से चलाया गया। इस कारण ट्रेन स्टेशनों पर 10-15 मिनट तक रुक-रुककर आगे बढ़ रही थीं। इससे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती चली गई। यात्रा का समय भी दोगुना हो गया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 7:15 बजे येलो लाइन पर नई दिल्ली से पटेल चौक मेट्रो स्टेशन के बीच सिग्नलिंग व्यवस्था में खामी आ गई थी।
इस कारण उस हिस्से का संपर्क नियंत्रण कक्ष से टूट गया। सुरक्षा कारणों से इस दौरान कश्मीरी गेट से पटेल चौक के बीच मेट्रो को 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाना पड़ा। इसका असर इस कॉरिडोर के दूसरे हिस्से पर चल रही ट्रेन की रफ्तार पर भी पड़ा। कश्मीरी गेट से चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, नई दिल्ली, राजीव चौक, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय के बीच मेट्रो की रफ्तार कम होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। करीब पांच घंटे तक यह समस्या बनी रही। दोपहर करीब 12:15 बजे खामी को दूर किया गया। उसके बाद सेवाएं सामान्य होनी शुरू हुईं। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि खामी को लेकर लगातार सूचित किया जा रहा था, लेकिन यात्रियों का कहना है कि उन्हें सही जानकारी समय पर नहीं दी गई। हौजखास स्टेशन पर भीड़ के कारण रोका प्रवेश येलो लाइन में आई तकनीकी खामी का सबसे ज्यादा असर हौज खास मेट्रो स्टेशन पर दिखा। चूंकि यह एक इंटरचेंज स्टेशन है, तो यहां दूसरे कॉरिडोर के यात्री भी गुरुग्राम या दिल्ली के दूसरे हिस्से में जाने के लिए येलो लाइन के लिए उतरते हैं। यहां पर यात्रियों की भीड़ इतनी ज्यादा हो गई थी कि लोग एक-दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ रहे थे। भीड़ को बढ़ता देख मेट्रो के सुरक्षाकर्मियों को थोड़ी देर के लिए स्टेशन पर यात्रियों का प्रवेश भी रोकना पड़ा। सोशल मीडिया पर यात्रियों का फूटा गुस्सा मैं हौज खास मेट्रो स्टेशन पर फंसा था। मेट्रो में हर दस दिन में कोई न कोई तकनीकी खराबी आ जाती है। मेट्रो का किराया, तो बढ़ाया जा रहा है, लेकिन सुविधाओं में गिरावट आ रही है। -यज्ञा श्रीवास्तव, यात्री -- मेट्रो में अगर खराबी है, तो यह बात यात्रियों को समय पर बतानी चाहिए। यह भी बताना चाहिए कि समस्या कितनी देर में ठीक होगी। सही जानकारी नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। ऑफिस छूट जाता है। - अजय मिश्रा, यात्री मेट्रो को ऐसी खराबी के समय भीड़ प्रबंधन के लिए कुछ करना चाहिए। स्टेशनों पर भगदड़ जैसी स्थिति हो गई थी, लेकिन उसे संभालने वाला कोई नहीं था। ट्रेन 10-15 मिनट के इंतजार के बाद आ रही थी। - तारसेम सिंह, यात्री
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