‘सेलिना जेटली के यूएई जेल में बंद भाई से वार्ता करे केंद्र’
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह एक साल से अधिक समय से यूएई में हिरासत में रखे गए मेजर विक्रांत जेटली से बातचीत करे। सेलिना जेटली की याचिका पर सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने कहा कि विक्रांत ने अपनी बहन द्वारा सुझाई कानूनी फर्म को नियुक्त करने से इनकार कर दिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक साल से अधिक समय से हिरासत में रखे गए अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई मेजर (सेवानिवृत्त) विक्रांत जेटली से बातचीत करे। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार इसके लिए राजनयिक पहुंच की व्यवस्था करे। हाईकोर्ट ने विक्रांत को विधिक सहायता उपलब्ध कराए जाने के मुद्दे पर यह बात कही। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी कहा कि विक्रांत जेटली ने अपनी बहन द्वारा सुझाई गई कानूनी फर्म को नियुक्त करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने कहा कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई उनकी राय पर निर्भर करेगी।
हाईकोर्ट सेलिना जेटली की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें उन्होंने अपने भाई के लिए प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व का अनुरोध किया। सेलिना के भाई को छह सितंबर, 2024 से यूएई में अवैध रूप से अगवा करके हिरासत में रखा गया है। केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि सेवानिवृत्त भारतीय अधिकारी विक्रांत जेटली के साथ नियमित संपर्क में हैं, लेकिन उन्होंने अपनी बहन से बात करने से इनकार कर दिया है। पत्नी ही निर्णय ले सकती है वकील ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों ने 13 फरवरी को विक्रांत जेटली से बातचीत का अनुरोध किया था। केंद्र के वकील ने कहा कि सेवानिवृत्त सेना अधिकारी के अनुसार विक्रांत की पत्नी ही उनकी तरफ से निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं। वकील ने आगे कहा कि भारत व यूएई के बीच पारस्परिक कानूनी सहायता संधि में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो किसी विदेशी अदालत को हिरासत में लिए गए व्यक्ति से बातचीत करने की अनुमति देता हो। पीठ मामले की सुनवाई अगले सप्ताह करेगी। भारत सरकार से मदद की जरूरत है : पत्नी विक्रांत जेटली की पत्नी ने पीठ को बताया कि उन्हें भारत सरकार से मदद की जरूरत है। वह अभी अपने पति के खिलाफ आरोपों को समझने की कोशिश कर रही हैं। पीठ ने पत्नी के वकील को मामले से संबंधित कुछ प्रासंगिक तथ्यों पर एक नोट सीलबंद लिफाफे में देने की अनुमति भी दी है। पीठ ने कहा कि दंपति या तो याचिकाकर्ता द्वारा सुझाई गई विधि फर्म की निःशुल्क कानूनी सेवाएं लें या किसी अन्य फर्म को नियुक्त करने के लिए धन की व्यवस्था करें। यह है मामला याचिका में अभिनेत्री ने कहा कि उनके भाई 2016 से संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे थे। एमएटीआईटीआई ग्रुप में कार्यरत थे। यह ग्रुप व्यापार, परामर्श व जोखिम प्रबंधन सेवाएं प्रदान करता है। हालांकि याचिका में आरोप लगाया गया कि एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद केन्द्रीय विदेश मंत्रालय अभिनेत्री के भाई के बारे में बुनियादी जानकारी प्राप्त करने में विफल रहा है, जिसमें उनके कल्याण की स्थिति व कानूनी दर्जा शामिल है।
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