
नेपाल हिंसा में मारी गई महिला के स्वजन को मुआवजा वाली याचिका पर 9 को सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने नेपाल में जेन-जी आंदोलन के दौरान मारी गई एक भारतीय महिला के पति की याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। याचिका में महिला की मौत के लिए जवाबदेही और 100 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है। होटल प्रबंधन पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली हाईकोर्ट ने नेपाल में जेन-जी आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में मारी गई एक भारतीय महिला के पति द्वारा दायर याचिका को नौ फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। याचिका में नेपाल में महिला की मौत के लिए जवाबदेही तय करने और मुआवजे की मांग की गई है। मृतका राजेश गोला के पति रणबीर सिंह गोला ने अधिवक्ता अभिषेक चौधरी के माध्यम से दायर याचिका में भारत सरकार, संबंधित संवैधानिक अधिकारियों व काठमांडू के एक लग्जरी अंतरराष्ट्रीय होटल प्रबंधन से सौ करोड़ रुपये के संवैधानिक मुआवजे की मांग की गई है। इसमें दावा किया गया है कि काठमांडू में विरोध प्रदर्शनों, आगजनी, व्यापक अशांति और हिंसा के बावजूद होटल प्रबंधन कथित तौर पर मेहमानों को स्थित नियंत्रण में होने का आश्वासन देता रहा।
उसे चेक आउट करने से रोका गया और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के आश्वासन के साथ ऊपरी मंजिल पर जाने के लिए राजी किया गया। याचिकाकर्ता के अनुसार होटल प्रबंधन का यह आश्वासन दुखद व गुमराह करने वाला साबित हुआ। होटल में हिंसक भीड़ ने हमला बोल दिया। इस घटना में उनकी पत्नी को अपनी जान गंवानी पड़ी।

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