बी. एड. उम्मीदवार भी टीजीटी, पीजीटी पदों के पात्र

बी. एड. उम्मीदवार भी टीजीटी, पीजीटी पदों के पात्र

संक्षेप:

दिल्ली हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती में बी.एड. (विशेष शिक्षा) धारकों को टीजीटी/पीजीटी पदों के लिए योग्य माना। कोर्ट ने कहा कि यदि भर्ती विज्ञापन में इस योग्यता को नकारा नहीं गया है, तो ऐसे उम्मीदवारों को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। यह निर्णय हजारों उम्मीदवारों को राहत देगा और भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता लाएगा।

Dec 13, 2025 09:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि बी.एड. (विशेष शिक्षा) की डिग्री रखने वाले उम्मीदवार को भी टीजीटी/पीजीटी (सामान्य विषयों) के पदों के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि बशर्ते भर्ती विज्ञापन में इस योग्यता को स्पष्ट रूप से बाहर न किया गया हो। यह फैसला न्यायमूर्ति नवीन चावला एवं न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की खंडपीठ ने सुनाया है। पीठ ने दिल्ली सरकार, दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) आदि द्वारा दायर याचिकाएं खारिज करते हुए केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के आदेशों को बरकरार रखा। दिल्ली सरकार एवं डीएसएसएसबी ने कैट के उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें बी.एड. (स्पेशल एजुकेशन) धारक उम्मीदवारों को टीजीटी/पीजीटी पदों के लिए पात्र माना गया था।

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याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बी.एड. (जनरल) व बी.एड. (स्पेशल एजुकेशन) अलग-अलग योग्यताएं हैं। बी.एड. (स्पेशल एजुकेशन) केवल विशेष शिक्षकों के पदों तक सीमित है, लेकिन पीठ ने कहा कि संबंधित भर्ती विज्ञापनों में कहीं भी बी.एड. (स्पेशल एजुकेशन) को अपात्र घोषित नहीं किया गया था। विज्ञापन में केवल डिग्री/डिप्लोमा इन टीचिंग की शर्त थी, जिसे बी.एड. (स्पेशल एजुकेशन) वाले उम्मीदवार भी पूरा करते हैं। पीठ ने कहा कि जब विज्ञापन में कोई रोक नहीं है, तो बाद में उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराना उचित नहीं है। पीठ ने कहा भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) के हलफनामे का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया कि बी.एड. (स्पेशल एजुकेशन) धारक सामान्य छात्रों को पढ़ाने में भी सक्षम होते हैं। उन्हें अतिरिक्त प्रशिक्षण प्राप्त होता है। इस महत्वपूर्ण मामले में प्रतिवादी उमा रानी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज अग्रवाल ने अपनी टीम के साथ पैरवी की। पीठ ने उनके तर्कों को स्वीकार करते हुए कैट के आदेशों को सही ठहराया है। व्यापक प्रभाव यह निर्णय शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया में स्पष्टता व निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा। साथ ही इससे हजारों बी.एड. (स्पेशल एजुकेशन) उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। इस निर्णय के आधार पर बी.एड(स्पेशल एजुकेशन) के उम्मीदवार टीजीटी/पीजीटी पद की दावेदारी कर सकते हैं।