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संरक्षित इमारतों के आसपास अवैध निर्माण की जांच होगी

संरक्षित इमारतों के आसपास अवैध निर्माण की जांच होगी

संक्षेप:

हाईकोट ने कहा, हर संपत्ति के लिए अलग रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं को भी उपलब्ध कराई जाएगी

Feb 02, 2026 08:03 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी में अधिसूचित विरासत संपत्तियों के आसपास हो रहे अवैध निर्माण की जांच के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को निर्देश दिया है कि वह व्यापक सर्वे कर यह सुनिश्चित करे कि हेरिटेज स्थलों के आसपास की निर्माण गतिविधियां भवन उपविधियों और स्वीकृत नक्शों के अनुरूप हैं या नहीं। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने यह निर्देश उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया, जिनमें हेरिटेज संपत्तियों के निकट अनधिकृत निर्माण को लेकर गंभीर शिकायतें उठाई गई थीं। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि अनधिकृत निर्माण न केवल ऐतिहासिक इमारतों की मूल पहचान और दृश्य सौंदर्य को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि कई बार एमसीडी ने मंजूरी देने के दौरान भवन उपविधियों और हेरिटेज संरक्षण समिति की सलाह को नजरअंदाज किया।

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पीठ ने निर्देश दिया कि सर्वे टीम में हेरिटेज संरक्षण समिति का एक अधिकारी भी शामिल किया जाए। प्रत्येक हेरिटेज संपत्ति के लिए अलग सर्वे रिपोर्ट तैयार कर अदालत में जमा की जाए और याचिकाकर्ताओं के वकीलों को भी इसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए। सर्वे की प्रक्रिया तीन माह के भीतर पूरी करनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और सुनवाई निर्धारित की जाएगी, ताकि हेरिटेज संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षित स्वरूप बनाए रखा जा सके। निर्माण के नियम संरक्षित इमारतों के आसपास निर्माण के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) या स्थानीय हेरिटेज कमेटी की अनुमति लेना अनिवार्य है। यह मुख्य रूप से दो क्षेत्रों में लागू होता है। निषेध क्षेत्र (0–100 मीटर) : किसी भी नए निर्माण या मरम्मत पर सख्त पाबंदी विनियमित क्षेत्र (100–300 मीटर) : निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकारी से एनओसी जरूरी संरचनात्मक नियम: नया मकान हेरिटेज स्थल से छोटा होना चाहिए या मौजूदा वास्तुकला (ऊंचाई, रंग, सामग्री) से मेल खाना चाहिए अनापत्ति प्रमाण पत्र : यदि संपत्ति हाउसिंग सोसायटी या नगर निगम क्षेत्र में है, तो स्थानीय निकाय से एनओसी अनिवार्य है दस्तावेज : आवेदन के साथ साइट प्लान, निर्माण योजना और मालिकाना कागजात जमा करना ज़रूरी। उल्लंघन : नियम तोड़ने पर निर्माण अवैध घोषित और कानूनन कार्रवाई की जा सकती है