
विशेष सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी को दी चार सप्ताह की पैरोल
संक्षेप: विशेष सुनवाई के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने रविवार को दुष्कर्म के दोषी को दी चार सप्ताह की पैरोल
नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने रविवार को विशेष सुनवाई करते हुए आजीवन कारावास की सजा काट रहे तस्लीम को चार सप्ताह की पैरोल देने का आदेश दिया है। अदालत ने यह राहत उसकी 60 वर्षीय बहन के निधन की सूचना मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से दी। बहन लंबे समय से टीबी और फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और ऑक्सीजन सपोर्ट पर थीं। तस्लीम की ओर से सुबह आपातकालीन पैरोल याचिका दाखिल की गई थी। याचिका न्यायमूर्ति संजीव नरूला के कोर्ट मास्टर के पास सुबह करीब 10 बजे तक पहुंची। इसके बाद दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे वर्चुअल मोड पर विशेष सुनवाई शुरू की गई।

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के एसआई और राज्य की ओर से वकील भी ऑनलाइन मौजूद रहे। अदालत ने तस्लीम की वर्तमान परिस्थितियों पर विचार करते हुए उसकी तुरंत रिहाई का निर्देश दिया। साथ ही दिल्ली सरकार के गृह सचिव और जेल महानिदेशक को इस मामले में 24 नवंबर को अदालत में उपस्थित होने को कहा है। गौरतलब है कि तस्लीम को वर्ष 1997 में एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 1999 में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उच्च न्यायालय ने साल 2015 में और सुप्रीम कोर्ट ने साल 2017 में उनकी सजा को बरकरार रखा था। अदालत ने तस्लीम को गंभीर रूप से बीमार बहन से मिलने के लिए एक दिन की कस्टडी पैरोल दी थी। इसके तहत वह शनिवार को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक अपने घर जाकर बहन से मिल सके थे।

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