
वानखेड़े के खिलाफ कैट के आदेश में दखल से इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने कैट के आदेश में दखल देने से इनकार किया, जिसमें आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई गई थी। कोर्ट ने कहा कि कैट 14 जनवरी तक मामले का निपटारा करने की कोशिश करे। वानखेड़े का नाम 2021 में कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले में आया था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया। इस आदेश में वर्ष 2021 के कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले के संबंध में आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई गई थी। न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल व न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने रोक के आदेश के खिलाफ केंद्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए कैट से कहा कि वह 14 जनवरी या अगले 10 दिनों के अंदर मुख्य मामले पर फैसला करने के लिए ईमानदारी से कोशिश करे। वर्ष 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी वानखेड़े वर्ष 2021 में नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई में अपने कार्यकाल के दौरान बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के परिवार से कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग बस्ट मामले में उनके बेटे आर्यन खान को फंसाने की धमकी देकर कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये मांगने के लिए चर्चा में आए थे।
इस मामले में कैट ने 27 अगस्त, 2025 को जांच पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट की पीठ ने केंद्र की याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि ट्रिब्यूनल 14 जनवरी को या 14 जनवरी से अगले दस दिनों के अंदर वास्तविक याचिका के निपटारे के लिए पूरी कोशिश करेगा। कैट अंतरिम आदेश से बिना प्रभावित हुए याचिका पर फैसला करने के लिए आगे बढ़ेगा। सुनवाई के दौरान पीठ ने देखा कि अगस्त में जांच पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अधिकारियों ने पिछले पांच महीनों में कोई कदम नहीं उठाया। कोर्ट ने कहा कि आज जब मामला अंतिम बहस के लिए सूचीबद्ध है, तो इसे चुनौती दी गई है। पीठ ने बहरहाल इस आदेश में दखल से इनकार कर दिया है।

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