
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सोसाइटी को मिलेगा पानी
दिल्ली उच्च न्यायालय ने वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स सोसाइटी के निवासियों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। दिल्ली जल बोर्ड ने अदालत में भरोसा दिलाया कि आवश्यक शुल्क का भुगतान करने पर सोसाइटी को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पहले, सोसाइटी ने जल बोर्ड पर अदालत के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया था।
नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स सोसाइटी के निवासियों को पानी की आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है। अदालत के समक्ष दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने भरोसा दिलाया कि वह आवश्यक शुल्क के भुगतान पर सोसाइटी को पानी उपलब्ध कराएगा। इसके बाद कोर्ट ने अवमानना याचिका का निपटारा कर दिया। यह मामला वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स सोसाइटी द्वारा दायर अवमानना याचिका से जुड़ा था। इसमें आरोप लगाया गया था कि जल बोर्ड ने 15 अक्तूबर 2025 और चार दिसंबर 2025 को पारित हाईकोर्ट के आदेशों का जानबूझकर पालन नहीं किया। इन आदेशों में डीजेबी को सोसाइटी में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था।
यह याचिका न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध हुई थी। कोर्ट के आदेशों की हुई अवहेलना सोसाइटी की ओर से पेश अधिवक्ता सुमित गहलोत ने अदालत को बताया कि बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद जल बोर्ड ने पानी की आपूर्ति नहीं की, जो अदालत के आदेशों की अवहेलना है। उन्होंने कहा कि सोसाइटी में लगभग 170 फार्महाउस हैं, जो वसंत कुंज के रजोकरी और रंगपुरी इलाकों में स्थित हैं। यहां के निवासी हर साल करोड़ों रुपये का कर अदा करते हैं। इसके बावजूद उन्हें पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रखा गया। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि अधिकारियों की लगातार निष्क्रियता के कारण सोसाइटी को अदालत के आदेशों को लागू कराने के लिए अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी। डीजेबी ने आश्वासन दिया वहीं, डीजेबी की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जल बोर्ड सोसाइटी को पानी की आपूर्ति के लिए तैयार है और आवश्यक शुल्क जमा किए जाने पर तुरंत पानी दिया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पानी की आपूर्ति नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सोसाइटी ने अदालत को बताया कि यदि जल बोर्ड अपने आश्वासन के अनुसार तुरंत पानी की आपूर्ति शुरू कर देता है, तो अवमानना याचिका का निपटारा किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने डीजेबी द्वारा दिए गए आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया।

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