दिल्ली में सभी बसों का संचालन डीटीसी करेगा

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली सरकार ने 1 अप्रैल से सभी बसों के संचालन की जिम्मेदारी डीटीसी को सौंपने का निर्णय लिया है। डिम्ट्स का अनुबंध 31 मार्च को समाप्त होगा, और डीटीसी 2510 बसों और 39 डिपो का संचालन करेगा। इससे यात्रियों को शिकायत करने में आसानी होगी और संचालन में सुधार की उम्मीद है।

दिल्ली में सभी बसों का संचालन डीटीसी करेगा

नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। एक अप्रैल से दिल्ली में सभी बसों के संचालन की जिम्मेदारी डीटीसी के हाथों में आ जाएगी। दिल्ली सरकार के फैसले पर अमल करते हुए 31 मार्च की रात को डिम्ट्स का अनुबंध खत्म हो जाएगा। डिम्ट्स के अधीन चलाई जा रही 2510 बसों के साथ-साथ 39 बस डिपो का संचालन भी डीटीसी करेगा। इसके बाद बसों के संचालन में बदलाव हो सकता है। फिलहाल दिल्ली में 83 बस डिपो हैं, जिनमें 44 डिपो डीटीसी के पास और 39 डिम्ट्स के अधीन हैं। करीब तीन महीने पहले दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने डिम्ट्स का अनुबंध निरस्त करने का फैसला लिया था।

साथ ही बसों के संचालन की जिम्मेदारी पूरी तरह से डीटीसी के हाथों में देने का निर्णय लिया था। इसके बाद डीटीसी ने चरणबद्ध तरीके से डिम्ट्स से हस्तांतरण लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जनवरी से ही डीटीसी के कर्मचारियों को डिम्ट्स के 39 डिपो में तैनात कर दिया गया था, ताकि डिपो प्रबंधन के साथ-साथ उनका कामकाज भी समझ सके।-------ऑपरेटरों की बसें अब डीटीसी चलाएगाडिम्ट्स के अधीन संचालित हो रहे डिपो में चलाई जा रही बसें प्राइवेट ऑपरेटर्स की हैं। दिल्ली परिवहन विभाग प्रति किलोमीटर की दर से इन बसों का भुगतान करता है। इनसे होने वाली आमदनी सरकार के खाते में जमा कराई जाती है। डिम्ट्स के पास संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी थी, जिसकी एवज में सरकार उसे भी भुगतान करती थी। अब यह काम डीटीसी करेगा।------अनुबंध पर ले रहे बसेंडीटीसी ने भी अब अपनी बसें खरीदनी बंद कर दी हैं। डिम्ट्स की तरह ही डीटीसी भी प्राइवेट ऑपरेटर्स की बसों को किराए पर लेता है और उन्हें प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान कर हैं। इन बसों से होने वाली आमदनी डीटीसी के पास पहुंचती हैं। इसके लिए डीटीसी की ओर से अपने कंडक्टर तैनात किए जाते हैं, जबकि ड्राइवर बस ऑपरेटर्स की ओर से तैनात किए जा रहे हैं।----यात्रियों को होगा फायदाअभी तक दिल्ली के विभिन्न रूटों पर डिम्ट्स और डीटीसी दोनों की बसें संचालित हो रही थीं। रूटों पर बसों के समय पर न पहुंचने, निर्धारित स्टॉप पर बसों के न रुकने की यात्री शिकायत नहीं कर पाते थे। अक्सर उन्हें पता नहीं रहता था कि डिम्ट्स से शिकायत करनी है या डीटीसी के अधिकारियों से। अब किसी भी शिकायत के लिए उन्हें पता रहेगा कि डीटीसी के अधिकारियों को ही फोन करना है।-----दिल्ली में बसों का बेड़ाइलेक्ट्रिक बसें - 4338सीएनजी बसें - 1762कुल बसें - 6100

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