दिल्ली में पानी की पुरानी सात हजार किलोमीटर पाइप लाइन बदलेगा दिल्ली जल बोर्ड
दिल्ली जल बोर्ड अगले तीन वर्षों में 6,941 किलोमीटर पुरानी पाइप लाइनें बदलेगा। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में यह घोषणा की। इससे दूषित पानी की समस्या हल होगी और जल रिसाव में कमी आएगी। दिल्ली सरकार हर घर को 24 घंटे स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी में दूषित पानी की शिकायत को खत्म करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड अगले तीन वर्षों में सात हजार किलोमीटर पुरानी पाइप लाइन बदलेगा। यह घोषणा जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने शुक्रवार को विधानसभा में की। मंत्री ने कहा कि दिल्ली में कुल 16 हजार किलोमीटर पानी की पाइपलाइन है। इसमें से 6,941 किलोमीटर पाइपलाइन को बदला जाएगा। इनमें से लगभग 5200 किलोमीटर पानी की पाइपलाइन 30 वर्ष से ज्यादा जबकि लगभग 2700 किलोमीटर पाइप लाइन 20 से 30 वर्ष पुरानी हैं। इनके बदलने से दूषित पानी की शिकायत दूर होगी और जल रिसाव में भी कमी आएगी।
वर्मा ने विधानसभा में कहा कि दिल्ली में लंबे समय से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से काम नहीं किया गया। राजधानी में गंदे पानी, पाइपलाइन लीकेज और अनियमित आपूर्ति की समस्या एक दिन की नहीं, बल्कि पिछली सरकारों की वर्षों की उपेक्षा, अनिर्णय और देरी का परिणाम है। दिल्ली सरकार और जल बोर्ड केंद्र सरकार के सहयोग से, हर घर तक स्वच्छ, समान और निरंतर 24 घंटे जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जल मंत्री ने सदन को बताया कि दिल्ली में पानी की पुरानी पाइप लाइन के चलते जगह-जगह रिसाव, पाइप फटना, दूषित पानी और 55 फीसदी तक नॉन-रेवेन्यू वाटर की हानि हो रही है। सरकार द्वारा तमाम ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिससे आने वाले समय में प्रत्येक घर को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। 2011 से प्रस्तावित वजीराबाद, चंद्रावल प्रोजेक्ट लटका रहा प्रवेश वर्मा ने कहा की 2011 से प्रस्तावित वजीराबाद एवं चंद्रावल जल सुधार परियोजना वर्षों तक लटकी रहीं। चंद्रावल प्रोजेक्ट का 96 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 22 लाख आबादी को लाभ मिलना था। वहीं, वजीराबाद परियोजना से 123 वर्ग किलोमीटर में रहने वाली 30 लाख आबादी को लाभ मिलता। इस कार्य के पूरा नहीं होने से लागत 2243 करोड़ से बढ़कर 3715 करोड़ रुपये पहुंच गई। 22 अक्तूबर 2020 को एडीबी ने परियोजना से फंडिंग वापस ली और पूरा प्रोजेक्ट ठप हो गया। 11 महीनों में सरकार ने किए कई बदलाव - 7212 करोड़ रुपये के 94 बड़े प्रोजेक्ट मंज़ूर किए गए जिनसे पानी की पाइपलाइन, सीवेज नेटवर्क और एसटीपी पर काम हो रहा - चंद्रावल प्रोजेक्ट को नई जान देने के लिए नवंबर 2025 में शेष पैकेज आवंटित किया गया - 1044 किलोमीटर नई पाइपलाइन डालने की मंजूरी, 21 अंडरग्राउंड रिजर्वायर - वजीराबाद प्रोजेक्ट पुनर्जीवित किय - एडीबी के सहयोग से 3715 करोड़ की योजना, 1697 किमी नई पाइपलाइन, 14 यूजीआर बनेंगे जिससे 11 विधानसभा क्षेत्रों को लाभ होगा अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों तक पानी पहुंचाया - 262 नए ट्यूबवेल चालू किए - 200 किमी नई पाइपलाइन बिछाई - कई अनधिकृत कॉलोनियों में पहली बार नियमित जल आपूर्ति नए यूजीआर बनाए - पल्ला 37 एमएलडी - बिजवासन 9 एमएलडी - सिरसपुर 12 एमएलडी सेप्टिक टैंक की सफाई अब मुफ्त जल मंत्री ने कहा कि जब तक हर घर सीवर नेटवर्क से नहीं जुड़ता, तब तक सेप्टिक टैंक की सफाई पूरी तरह मुफ्त होगी। इसके लिए 300 नए सरकारी टैंकर को सरकार द्वारा लगाया जाएगा। इससे प्राइवेट टैंकर माफिया से मुक्ति होगी जो घरों से सीवेज उठाकर उसे नाले में डालते थे जो यमुना को गंदा करता था। इस कदम से यमुना और भूजल को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा। पानी की उपलब्धता बढ़ाने की बहु-स्तरीय रणनीति - हिमाचल प्रदेश से 113 एमजीडी अतिरिक्त पानी पर बातचीत - हरियाणा व उत्तर प्रदेश से 51 क्यूसेक जल के लिए चर्चा - मुनक नहर और डीएसबी कैनाल की लाइनिंग - आईआईटी रुड़की से कंड्यूट पाइपलाइन पर स्टडी - द्वारका वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता में 20 एमजीडी की वृद्धि चार विधायकों को किया गया निलंबित दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सदन की कार्यवाही में निरंतर बाधा उत्पन्न करने और सदन की मर्यादा का उल्लंघन करने के कारण विपक्ष के सदस्य सोमदत्त, जरनैल सिंह, संजीव झा तथा कुलदीप कुमार को बाकी सत्र के लिए सदन से निलंबित किया जाता है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


