ग्रेप चार में सख्ती: नियम तोड़ने वाली 612 इंडस्ट्रीज पर कार्रवाई, तीन दिन में एक लाख से अधिक पीयूसीसी
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली में ग्रेप लागू रहने के दौरान वायु

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली में ग्रेप लागू रहने के दौरान वायु प्रदूषण पर सख्त नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि बीते दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाली 612 औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र चल रहे वाहनों पर अभियान के दौरान एक लाख से अधिक पीयूसीसी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि औद्योगिक इलाकों, रीडेवलपमेंट जोन और नॉन-कनफॉर्मिंग क्षेत्रों में कुल 3,052 निरीक्षण किए गए। जांच के दौरान 251 इंडस्ट्रीज़ औद्योगिक क्षेत्रों में, 181 रीडेवलपमेंट ज़ोन में और 180 नॉन-कनफॉर्मिंग इलाकों में नियमों का उल्लंघन करते हुए पाई गईं।
इन सभी 612 इकाइयों के खिलाफ बंदी और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वाहन प्रदूषण पर भी सख्त रुख अपनाया गया है। पिछले तीन दिनों में 16,896 वाहनों की जांच की गई, जिनमें ग्रेप नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,492 वाहनों को वापस भेजा गया। बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई के बाद एक लाख से अधिक पीयूसीसी सर्टिफिकेट जारी हुए। मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रेप चार के दौरान दिल्ली में कोई भी प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्री या अवैध निर्माण गतिविधि नहीं चलने दी जाएगी। नियम तोड़ने पर सीधे सीलिंग और कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान वाहन प्रदूषण, इंडस्ट्री, निर्माण गतिविधियों और वेस्ट मैनेजमेंट चारों मोर्चों पर एक साथ चलाया जा रहा है, ताकि दिल्लीवासियों को साफ हवा मिल सके। मंत्री ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए बताया कि रविवार को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम की स्थिति प्रतिकूल हो सकती है, जिससे प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि फिलहाल राजधानी में ग्रैप-4 के प्रतिबंध लागू हैं और इन्हें सख्ती से लागू किया जा रहा है। सिरसा ने कहा कि प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि प्रतिबंध के बावजूद कई जगह निर्माण गतिविधियां जारी हैं। ऐसे मामलों में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया और कहा कि प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी प्रदूषण फैलाने वाली इकाई को संचालन की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर इकाइयों को सील किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण के तहत गुरुवार से बीएस-6 मानकों को पूरा न करने वाले बाहरी निजी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम लागू कर दिया गया है। बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जा रहा है। यह व्यवस्था स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरों, पेट्रोल पंपों पर वॉयस अलर्ट और पुलिस की मदद से लागू की जा रही है।
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