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 नरेला को एजुकेशन सिटी बनाने के लिए मिली डीडीए से जमीन

नरेला को एजुकेशन सिटी बनाने के लिए मिली डीडीए से जमीन

संक्षेप:

- दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी और गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय को मिली भूमि नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता दिल्ली सरकार ने नरेला एजुकेशन सिटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया...

Jan 10, 2026 07:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली सरकार ने नरेला एजुकेशन सिटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना की उपस्थिति में दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी और गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय को नरेला एजुकेशन सिटी में लगभग 12.69 एकड़ और 22.43 एकड़ भूमि जमीन डीडीए ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद को सौंपी। इससे पहले आईजीडीटीयू को भी 50 एकड़ भूमि का पोजेशन लेटर डीडीए दे चुका है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि नरेला में लगभग 160 एकड़ भूमि पर एक विश्वस्तरीय एजुकेशन और इनोवेशन हब विकसित करने की दिशा में दिल्ली सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। दिल्ली सरकार ने इन भूमि आवंटनों के लिए डीडीए को भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की है।

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पहले जहां इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, वहीं आवश्यकता को देखते हुए हालिया बजट में इसे बढ़ाकर 1300 करोड़ रुपये कर दिया गया है। दिल्ली सरकार द्वारा अब तक लगभग 452 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और शेष राशि का भुगतान भी इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर दिया जाएगा। आशीष सूद ने कहा कि नरेला एजुकेशन सिटी में केवल इमारतें नहीं होगी, बल्कि यहां एक साझा (शेयरड) कैंपस मॉडल होगा, जिसमें आधुनिक लाइब्रेरी, अत्याधुनिक लैब्स, सेमिनार हॉल, ऑडिटोरियम और रिसर्च व इनोवेशन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग होगा और अधिक से अधिक छात्रों को इन सुविधाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही नरेला में बनाये जा रहे विश्वविद्यालय परिसरों में फैकल्टी और स्टाफ के लिए एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी और ईडब्ल्यूएस फ्लैट के रूप में आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा फ्लैट्स, हॉस्टल और अन्य सुविधाओं के निर्माण पर लगभग 567 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी कार्यों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा वैज्ञानिक अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कंसल्टेंट्स की मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा कि नरेला एक रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। रिठाला-नरेला मेट्रो कॉरिडोर का कार्य प्रगति पर है जिससे नरेला की कनेक्टिविटी बढ़ेगी और आस पास के क्षेत्र के विकास को नया आयाम मिलेगा। इन विश्वविद्यालयों के स्थापित होने से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर भी सृजित होंगे। दिल्ली एवं हरियाणा के छात्रों को होगा लाभ राजनिवास से मिली जानकारी के अनुसार नरेला में विश्वविद्यालय परिसरों का विस्तार इस क्षेत्र को शिक्षा के एक उभरते केंद्र के रूप में विकसित करने की उपराज्यपाल की व्यापक परिकल्पना के अनुरूप है। इससे आसपास के क्षेत्रों, विशेष रूप से बाहरी दिल्ली और हरियाणा के कई जिलों के निवासियों को लाभ पहुंचेगा। इससे दिल्ली के शैक्षिक बुनियादी ढांचे को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करने के साथ-साथ, नरेला और दिल्ली के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है।