सात परियोजनाएं दिलाएंगी दिल्ली को जाम से बड़ी राहत

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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डबल इंजन सरकार द्वारा बनाए जा रहे सुरंग, एलिवेटेड रोड और एक्सप्रेसवे दिलाएंगे जाम से राहत-मुख्यमंत्री रेखा गुप्तानई दिल्ली प्रमुख संवाददाता राजधानी को जाम मुक्त बनाने के लिए दिल्ली और केन्द्र सरकार कई...

 सात परियोजनाएं दिलाएंगी दिल्ली को जाम से बड़ी राहत

डबल इंजन सरकार द्वारा बनाए जा रहे सुरंग, एलिवेटेड रोड और एक्सप्रेसवे दिलाएंगे जाम से राहत-मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता

राजधानी को जाम मुक्त बनाने के लिए दिल्ली और केन्द्र सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रही है। डबल इंजन की सरकार द्वारा नए एक्सप्रेसवे, सुरंग, एलिवेटेड कॉरिडोर और संपर्क मार्गों के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर के परिवहन नेटवर्क को आधुनिक और निर्बाध बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार यह सभी योजनाएं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं।

मुख्यमंत्री की बैठक

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ दिल्ली-एनसीआर की प्रमुख सड़क एवं संपर्क परियोजनाओं को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को बताया कि दिल्ली को जाममुक्त बनाने, ट्रैफिक दबाव कम करने और बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए कई नई एक्सप्रेसवे, सुरंग, एलिवेटेड कॉरिडोर और संपर्क मार्ग परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।

यूईआर-2 एक्सटेंशन से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी

अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत 17 किलोमीटर लंबे 6-लेन मार्ग का निर्माण होगा। ट्रोनिका सिटी के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को यूईआर-2 से जोड़ा जाएगा। इससे आईजीआई एयरपोर्ट, बारापुला नाला, मुकरबा चौक, सिंघु बॉर्डर और आश्रम-बदरपुर मार्ग पर यातायात दबाव कम होगा। साथ ही, द्वारका, रोहिणी, पंजाबी बाग और गुरुग्राम को देहरादून एक्सप्रेसवे तक सीधा संपर्क मिलेगा। दिसंबर 2026 तक कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से नोएडा-फरीदाबाद कॉरिडोर

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से नोएडा-फरीदाबाद संपर्क कॉरिडोर परियोजना में 65 किलोमीटर लंबे 6-लेन मार्ग का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, डीएनडी, फरीदाबाद और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगी। इससे लोनी, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद को तेज संपर्क सुविधा मिलेगी। इस परियोजना से कालिंदी कुंज, सराय काले खां और आउटर रिंग रोड पर यातायात दबाव कम होगा। यह कार्य भी दिसंबर 2026 तक क शुरू करने का लक्ष्य है।

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे जल्द बनेगा

दिल्ली-अमृतसर-कटरा संपर्क को यूईआर-2 से जोड़ने की तैयारी है। इस परियोजना के तहत दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से आने वाले यातायात को यूईआर-2 और द्वारका एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली, गुरुग्राम और आईजीआई एयरपोर्ट तक सीधा संपर्क मिलेगा। लगभग 17 किलोमीटर लंबे 6-लेन वाले इस मार्ग से भारी वाहनों का बेहतर डायवर्जन होगा, दिल्ली-एनसीआर में जाम कम होगा और मालवाहक परिवहन अधिक सुगम बनेगा। इस परियोजना का कार्य मार्च 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है।

यूईआर-2 सर्विस रोड से मिलेगा सुगम संपर्क

मौजूदा यूईआर-2 के किनारे सर्विस रोड विकसित करने की परियोजना है। लगभग 26 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के तहत यूईआर-2 के दोनों ओर सेकेंडरी सर्विस रोड विकसित किए जाएंगे। 19 किलोमीटर लंबी दो-लेन सेकेंडरी सर्विस रोड के निर्माण के लिए 121 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इससे स्थानीय लोगों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और रिहायशी क्षेत्रों को सुरक्षित एवं सुगम संपर्क सुविधा मिलेगी। सर्विस रोड बनने से मुख्य मार्ग पर जाम कम होगा और तेज गति वाले कॉरिडोर की क्षमता बेहतर होगी।

शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला मार्ग सुरंग प्रोजेक्ट से घटेगा जाम

शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला मार्ग सुरंग परियोजना लगभग 8 किलोमीटर लंबी एवं 6-लेन वाली भूमिगत सुरंग होगी। द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज तक यह सुरंग बिना सिग्नल सफर कराएगी। इससे महिपालपुर, रंगपुरी और धौला कुआं क्षेत्रों में जाम कम होगा। साथ ही, एयरपोर्ट जाने वाले राव तुला राम मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा। इससे गुरुग्राम और दक्षिण दिल्ली के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा। परियोजना को केंद्र सरकार की सार्वजनिक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीपीएसी) की मंजूरी मिल चुकी है।

एम्स-महिपालपुर-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना

20 किलोमीटर लंबे 6-लेन वाले एम्स-महिपालपुर-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर से दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यातायात दबाव कम होगा। इस परियोजना से एम्स, आईएनए, हौज खास, वसंत कुंज, महिपालपुर और गुरुग्राम के बीच सिग्नल-फ्री सफर होगा। जबकि धौला कुआं, महरौली-गुरुग्राम रोड और राव तुला राम मार्ग पर जाम घटेगा। इससे एरोसिटी, रंगपुरी, छतरपुर और घिटोरनी की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। अप्रैल 2027 तक काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

कालिंदी कुंज इंटरचेंज से बेहतर होगा ट्रैफिक फ्लो

ओखला बैराज के पास कालिंदी कुंज इंटरचेंज परियोजना से दिल्ली-नोएडा-फरीदाबाद मार्ग पर ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा। करीब 500 मीटर लंबे 6-लेन वाले इस प्रोजेक्ट में इंटरचेंज और फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) की व्यवहार्यता रिपोर्ट के आधार पर तैयार इस योजना से कालिंदी कुंज का जाम कम होगा और नोएडा, जसोला, सरिता विहार व फरीदाबाद के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी। अक्टूबर 2026 तक कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में जाम से राहत के लिए कौन सी योजनाएं बनाई जा रही हैं?
दिल्ली में जाम से राहत के लिए नए एक्सप्रेसवे, सुरंग, एलिवेटेड कॉरिडोर और संपर्क मार्गों की योजनाएं बनाई जा रही हैं।
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