राजस्व और निगम के जिलों की सीमाएं होंगी एक समान, 13 जिले गठित

राजस्व और निगम के जिलों की सीमाएं होंगी एक समान, 13 जिले गठित

संक्षेप:

दिल्ली सरकार ने 13 नए जिलों के गठन को मंजूरी दी है, जिसमें 12 जिले निगम के 12 जोन के अनुसार होंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह सुधार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाएगा और नागरिकों को सेवाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराएगा। इस नई संरचना से शिकायत निवारण भी तेज होगा।

Dec 11, 2025 08:40 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

-दिल्ली सरकार कैबिनेट ने 13 जिलों के गठन को दी मंजूरी, मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन अब होगा और सुचारूनई दिल्ली प्रमुख संवाददाता दिल्ली में अब राजस्व के कुल 13 जिले होंगे जिनमें से 12 की सीमाएं निगम के 12 जोन के अनुरूप होंगी। वहीं 13वें जिले में एनडीएमसी एवं दिल्ली छावनी वोर्ड का क्षेत्र आएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव दिल्ली के शासन को सरल, पारदर्शी और समन्वित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने का यह निर्णय वर्षों से लंबित था, जिसे किसी भी सरकार ने निपटाने का प्रयास नहीं किया।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

लेकिन हमारी सरकार ने मात्र 10 माह में इस लक्ष्य को पूरा कर दिखाया। जानकारी के अनुसार दिल्ली में राजस्व के कुल 11 जिले हैं जबकि निगम के 12 जोन हैं। इसके अलावा एनडीएमसी एवं दिल्ली छावनी बोर्ड का क्षेत्र है जो नई दिल्ली जिला में आता है। राजधानी में अलग-अलग सीमा होने की वजह से लोगों को अपना काम करवाने में परेशानी आती है। कई बार उन्हें एक से दूसरे दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैंं। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में 13 जिलों का गठन किया है ताकि आम लोगों के काम बिना किसी परेशानी हो सकें। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि तेज़ी से बढ़ती आबादी, निर्माण गतिविधियों, शहरी विस्तार और नागरिक सेवाओं की जटिलताओं को देखते हुए जिला प्रशासन को और अधिक संगठित, प्रभावी और जवाबदेह बनाना समय की जरूरत था। दिल्ली जैसे महानगर में सेवाओं के बेहतर समन्वय, त्वरित वितरण, शिकायतों के तेज समाधान और प्रभावी निगरानी के लिए छोटे, संतुलित और प्रशासनिक रूप से सशक्त जिलों का गठन आवश्यक था। मुख्यमंत्री ने बताया कि संपत्ति पंजीकरण को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या भी 22 से बढ़ाकर 39 की जा रही है। इन कार्यालयों की सीमाओं को भी सब-डिविजन के साथ पूरी तरह से मेल कराया जाएगा। 13 जिले में होंगे 39 सब-डिविजन नई संरचना के तहत 11 जिलों को बढ़ाकर 13 और 33 सब-डिविजन को बढ़ाकर 39 सब-डिविजन किया जा रहा है। इससे अधिकारियों पर कार्यभार संतुलित होगा और नागरिकों को सेवाएँ अधिक त्वरित मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि दिल्ली सरकार सभी 13 जिलों में आधुनिक, बहु-विभागीय ‘मिनी सचिवालय’ स्थापित करेगी, जहाँ नागरिकों को एक ही स्थान पर राजस्व कार्यालय, एसडीएम, एडीएम, तहसील, उप-पंजीयक कार्यालय समेत अनेक सेवाएँ उपलब्ध होंगी। अभी विभागों के दफ़्तर अलग-अलग इमारतों में होने से नागरिकों को भारी असुविधा होती थी। नए जिलों से नागरिकों को होंगे यह लाभ सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी प्रशासन नागरिकों के और करीब आएगा शिकायत निवारण तेज़ होगा अधिकारियों पर भार कम होगा सीमाओं का भ्रम समाप्त होगा नागरिकों को स्पष्ट रहेगा कि वे किस प्रशासनिक क्षेत्र में आते हैं राजस्व विभाग, नगर निगम और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा शहरी योजना, आपदा प्रबंधन और भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा जिला सब डिवीजन दक्षिण-पूर्व जंगपुरा, कालकाजी, बदरपुर पुरानी दिल्ली सदर बाजार, चांदनी चौक उत्तर बुराड़ी, आदर्श नगर, बादली नई दिल्ली दिल्ली कैंट, नई दिल्ली मध्य पटेल नगर, करोल बाग मध्य उत्तर शालीमार बाग, मॉडल टाउन, शकूर बस्ती दक्षिण-पश्चिम नजफगढ़, मटियाला, द्वारका, बिजवासन बाहरी उत्तर मुंडका, नरेला, बवाना उत्तर-पश्चिम किराड़ी, नांगलोई जट, रोहिणी उत्तर-पूर्व करावल नगर, गोकलपुरी, यमुना विहार पूर्व गांधी नगर, पटपड़गंज, विश्वास नगर दक्षिण छतरपुर, मालवीय नगर, देवली, महरौली पश्चिम विकास पुरी, जनकपुरी, राजौरी गार्डन