
दिल्ली के 68 विधानसभा क्षेत्रों में पानी-सीवर व्यवस्था सुधारने पर 735 करोड़ रुपये खर्च होंगे
संक्षेप: दिल्ली सरकार ने पानी और सीवर व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 68 विधानसभा क्षेत्रों में 734.95 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि का उपयोग नई पाइपलाइन, पुरानी सीवर लाइनों के प्रतिस्थापन और जल आपूर्ति प्रणाली को सशक्त करने के लिए किया जाएगा। जल मंत्री ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी में पानी और सीवर व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। एक बड़ी पहल करते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने राजधानी के 68 विधानसभा क्षेत्रों को कुल 734.95 करोड़ की राशि जारी की है। यह अब तक का सबसे बड़ा विधानसभा-वार फंड रिलीज है, जिसका उद्देश्य दिल्ली के हर हिस्से में जल और स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं में नया निवेश और तेजी लाना है। दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार जारी की गई कुल राशि में से 408.95 करोड़ रुपये पूंजीगत मद के तहत दिए गए हैं। इनसे नई पाइपलाइन बिछाने, पुरानी सीवर लाइनों के प्रतिस्थापन, अंडरग्राउंड रिजर्वायर निर्माण और जल आपूर्ति प्रणाली को सशक्त करने जैसी परियोजनाएं शुरू होंगी।

इसके अलावा 326 करोड़ राजस्व मद के तहत रखरखाव, डी-सिल्टिंग, मरम्मत और अन्य सेवा सुधार कार्यों के लिए जारी किए गए हैं। इससे मौजूदा नेटवर्क की कार्यकुशलता और विश्वसनीयता बढ़ाई जा सकेगी। दिल्ली जल बोर्ड का कहना है कि विधानसभा-वार फंड जारी कर प्रत्येक क्षेत्र को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाने की शक्ति दी गई है। जल्द इलाकों में असर दिखेगा जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड ने 735 करोड़ रुपये सीधे विधानसभा क्षेत्रों को जारी किए हैं ताकि काम तेजी से हो, पारदर्शिता बनी रहे और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। दिल्ली जल बोर्ड ने विधानसभा वार यह राशि इसलिए जारी की है ताकि विधायक जनता की जरूरतों के अनुसार काम कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली के हर घर तक स्वच्छ पानी और सुचारु सीवर नेटवर्क पहुंचाना है। यह कोई भविष्य का वादा नहीं है। धनराशि जारी हो चुकी है और काम शुरू हो गया है। लोग बहुत जल्द अपने इलाकों में इसका असर देखेंगे। सख्त निगरानी होगी मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जल बोर्ड ने अपनी केंद्रीय परियोजना प्रबंधन इकाई के माध्यम से सख्त निगरानी और ऑडिट व्यवस्था लागू की है। सभी कार्यों को जियो-टैग किया जाएगा और रियल टाइम में ट्रैक किया जाएगा, ताकि धन का सही उपयोग हो और समय पर काम पूरा हो सके।

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