
एनएचएआई की पहली पार्किंग सुविधा में हो रही देरी, दोबारा एजेंसी की तलाश शुरू
-दिल्ली-देहरादून हाईवे पर प्रस्तावित पार्किंग के लिए एजेंसियों से नए सिरे से मांगे आवेदन-पार्किंग की कड़ी शर्तों के चलते पर्याप्त व उचित एजेंसियां नहीं आ रहीं सामने नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता।भारतीय...
-दिल्ली-देहरादून हाईवे पर प्रस्तावित पार्किंग के लिए एजेंसियों से नए सिरे से मांगे आवेदन -पार्किंग की कड़ी शर्तों के चलते पर्याप्त व उचित एजेंसियां नहीं आ रहीं सामने नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की पहली पार्किंग सुविधा शुरू करने की योजना में लगातार देरी हो रही है। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर प्रस्तावित इस पार्किंग के लिए कड़ी शर्तों की वजह से एजेंसी की तलाश पूरी नहीं हो पा रही। एनएचएआई की सहयोगी कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) ने नए सिरे से पार्किंग संचालक एजेंसियों की तलाश शुरू करने के लिए आवेदन मांगा है। इससे पहले एक बार निविदा आमंत्रित करने के बाद दो बार उसकी तिथि बढ़ाई गई थी, जिसमें आवेदन करने वाले शर्तों को पूरी नहीं कर पाए थे।
परियोजना के तहत पूर्वी जिलाधिकारी कार्यालय के निकट, गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के नीचे और गांधी नगर मार्केट के सामने एलिवेटेड हिस्से के नीचे व किनारे पर 1000 वाहनों की क्षमता वाली आधुनिक पार्किंग विकसित करनी है। यह खासतौर पर रेडिमेड कपड़े की गांधी नगर मार्केट को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित की गई थी। क्योंकि इस मार्केट में पार्किंग की व्यवस्था न होने पर खरीदार और व्यापारी वाहन कहीं भी खड़ा करते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। प्रस्ताव के तहत पार्किंग बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी) नीति पर चलेगी। इसका मतलब है कि जिन एजेंसी का चयन होगा, वही इसे बनाने में पूरा खर्च करेगी। इस पार्किंग को फास्टैग आधारित भुगतान प्रणाली, स्वचालित प्रवेश-निकास गेट और वास्तविक समय में खाली स्थानों की जानकारी देने वाले डिस्प्ले बोर्ड से लैस करना होगा। इसमें शर्त यह भी है कि कारों के लिए अलग और दोपहिया वाहनों के लिए अलग जगह निर्धारित करनी होगी। 100 इलेक्ट्रिक कारों के लिए जगह आरक्षित रखने के साथ चार्जर लगाने होंगे। साथ ही शौचालय बनाकर उसका संचालन करना होगा, जिसके लिए वह लोगों से कोई शुल्क नहीं ले सकता। एनएचएलएमएल के सूत्रों की मानें तो पिछली बार पर्याप्त आवेदन न आने पर दो बार तिथि बढ़ाई गई। फिर भी उचित एजेंसियां नहीं आईं। पार्किंग रेट नगर निगम से कम होना भी एजेंसियों के रुचि न दिखाने का कारण है। ----- दिल्ली-देहरादून हाईवे पर प्रस्तावित पार्किंग न केवल यातायात व्यवस्था को सुधारेगी, बल्कि व्यापारिक क्षेत्र में वाहन खड़ा करने की समस्या का भी समाधान करेगी। पिछली बार मांगे गए आवेदन में किसी एजेंसी का चयन संभव नहीं हुआ। अब दोबारा से आवेदन मांगे गए हैं। उम्मीद है, डेढ़ माह में प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। -हर्ष मल्होत्रा, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री ----

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