
संपादित----दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर विपरीत दिशा में दौड़ रहे वाहन
एक्सप्रेस से उतरने के लिए रैंप नहीं बनने के कारण हो रही परेशानी चेतावनियों के
नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के दो खंड रविवार देर रात खुलने से यात्रियों को सहूलियत हुई है, लेकिन यहां विपरीत दिशा में दौड़ रहे वाहन हादसों को दावत दे रहे हैं। मंगलवार को गीता कॉलोनी से चढ़ते ही 300 से 400 मीटर आगे कई वाहन चालक अचानक विपरीत दिशा में लौटने लगे। इन चालकों का कहना था कि उन्हें कश्मीरी गेट बस अड्डा जाना था, लेकिन बीच में उतरने के लिए कोई रैंप नहीं होने से वापसी का यही तरीका उन्हें आसान लगा। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। शास्त्री पार्क पर बनाया गया लूप केवल चढ़ने के लिए है, लेकिन कुछ लोग उसी लूप का इस्तेमाल उतरने के लिए भी कर रहे हैं।

एनएचएआई ने इन बिंदुओं पर सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए हैं, लेकिन चेतावनियों के बावजूद चालक मानने को तैयार नहीं दिखे। नियमों की उड़ा रहे धज्जियां एक्सप्रेस-वे पर अक्षरधाम से खजूरी तक अब चार-पांच मिनट में पहुंचा जा सकता है। इससे गांधी नगर पुश्ता, शास्त्री पार्क और खजूरी चौक जैसे स्थायी जाम बिंदुओं से लोगों को राहत मिली है। वहीं, दूसरी ओर कुछ लापरवाह वाहन चालकों ने इस हाईवे को खतरे का ट्रैक बना दिया है। एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार में गलत दिशा में दौड़ते वाहन न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि हर पल बड़े हादसों का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। मुसीबत बना खजूरी चौक का जाम हाईवे के खुलने के बाद भी उत्तर-पूर्वी दिल्ली के घनी आबादी वाले सादतपुर, करावल नगर, नेहरू विहार, खजूरी खास, श्रीराम कॉलोनी और शिव विहार के लोगों की मुश्किलें जस की तस हैं। इन इलाकों से अक्षरधाम की ओर जाने के लिए हाईवे पर चढ़ने का कोई सीधा रैंप नहीं है। इसके कारण लोगों को सुबह-शाम पीक आवर्स में खजूरी चौक के जाम से होकर गुजरना पड़ता है। यातायात पुलिस रहती है नदारद लोगों का कहना है कि अक्षरधाम की ओर से आते समय तो जाम से छुटकारा मिल गया है, लेकिन घर से अक्षरधाम या नोएडा की ओर जाने के लिए जाम की समस्या हल नहीं हुई है। श्रीराम कॉलोनी निवासी अशोक ने बताया कि खजूरी चौक के जाम को पार किए बिना तो पांचवें पुश्ते पर बनाए गए रैंप तक पहुंचना भी आसान नहीं है। स्थानीय निवासी गौरव गोयल ने बताया कि खजूरी चौक पर ऑटो, बैटरी रिक्शा और रेहड़ी वालों का अतिक्रमण जाम का मुख्य कारण है। पीक आवर्स में यातायात पुलिस भी मौके से नदारद रहती है, जिससे स्थिति और अव्यवस्थित बन जाती है। ---------- एफओबी बनाने की मांग गीता कॉलोनी श्मशान घाट के पास भी लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं। यहां कोई कट न होने से पैदल यात्रियों को 150-200 मीटर आगे जाकर यू-टर्न लेना पड़ता है। मजबूरी में कई लोग ग्रिल कूदकर सड़क पार करते हैं। स्थानीय निवासियों ने यहां फुटओवर ब्रिज (एफओबी) बनाने की मांग की है, ताकि सड़क पार करने में आसानी हो सके। बृजमोहन ने कहा कि गीता कॉलोनी के पास एफओबी बनने से श्मशान घाट तक पहुंचने में भी परेशानी नहीं होगी। ------ लोगों के कोट्स मैं शिव विहार से नोएडा काम पर जाता हूं। हाईवे बनने से लेकर खुलने तक शुरुआत से ही हमने काफी संघर्ष किया है। ट्रायल शुरू होने के बाद एक ओर राहत मिली है, लेकिन घर से ऑफिस जाते समय जाम से छुटकारा नहीं मिला है। -मोहन झा इस हाईवे के खुलने से सफर आसान हो गया है। जाम से काफी हद तक छुटकारा भी मिल चुका है, लेकिन पुश्ता रोड पर एक रैंप उतरने के लिए बन जाता तो लोगों को काफी सहूलियत होती। -दीपक रावत कश्मीरी गेट बस अड्डा जाने के लिए भी खजूरी खास थाने से यू-टर्न लेकर लौटना पड़ेगा। शास्त्री पार्क या उसके नजदीक उतरने का कोई रैंप बन जाए तो बहुत फायदा मिलेगा। -अमोल माहेश्वरी घंटों का सफर अब चंद मिनटों में पूरा हो रहा है, लेकिन विपरीत दिशा में दौड़ते वाहन हादसों की आशंका को बढ़ा रहे हैं। एनएचएआई या यातायात पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए। -दीपक गुप्ता

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