पॉक्सो मामले में जांच रिपोर्ट पर अदालत ने स्पष्टीकरण मांगा

Mar 01, 2026 05:36 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, रोहिणी जिला अदालत ने दुष्कर्म मामले में पुलिस की दो रिपोर्टों में विरोधाभास पर गंभीर सवाल उठाए हैं। न्यायाधीश ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने कहा कि जांच रिपोर्ट समयसीमा में दाखिल होनी चाहिए, जबकि इस मामले में छह महीने से अधिक समय हो चुका है। अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी।

पॉक्सो मामले में जांच रिपोर्ट पर अदालत ने स्पष्टीकरण मांगा

नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। रोहिणी जिला अदालत ने दुष्कर्म (पॉक्सो) मामले में पुलिस की दो अलग रिपोर्टों में सामने आए विरोधाभास पर सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनी रंगा ने जांच की स्थिति को लेकर स्पष्टता न होने पर दिल्ली पुलिस आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मामला मंगोलपुरी थाने में 13 अगस्त 2025 को दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। पीड़िता की पैरवी कर रही अधिवक्ता अदिति सिंह ने बताया कि 19 फरवरी को पेश रिपोर्ट में कहा गया था कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लेकिन आठ दिन बाद 27 फरवरी को पेश नई रिपोर्ट में कहा गया कि जांच अभी लंबित है।

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इसमें पीड़िता की नानी के बयान दर्ज करने, चिकित्सा दस्तावेजों पर विशेषज्ञ राय लेने और स्वतंत्र गवाहों की तलाश का जिक्र था। अदालत ने विरोधाभास पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रकार की रिपोर्टों से जांच की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगता है और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि कानून के तहत जांच रिपोर्ट समयसीमा में दाखिल होनी चाहिए, जबकि इस मामले में छह महीने से अधिक बीत चुके हैं। बचाव पक्ष ने जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अगली सुनवाई 13 मार्च को निर्धारित की गई है।

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