
मामूली विवाद में चाकू से हमला करने वाले आरोपी पर 15 साल बाद दोषसिद्ध
नई दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने 15 साल पुराने मामले में आरोपी नईम को खतरनाक हथियार से हमला करने का दोषी ठहराया है। शिकायतकर्ता मोहम्मद राशिद पर चाकू से हमला किया गया था। कोर्ट ने पीड़ित की गवाही और चिकित्सा साक्ष्यों को महत्वपूर्ण मानते हुए अभियोजन पक्ष के आरोपों को सही पाया।
नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। कड़कड़डूमा कोर्ट ने करीब 15 साल पुराने एक आपराधिक मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी नईम को खतरनाक हथियार से हमला करने का दोषी करार दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष पीड़ित की विश्वसनीय गवाही और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा है। यह मामला 26 सितंबर 2010 का है। शिकायतकर्ता मोहम्मद राशिद काम से घर लौट रहे थे। न्यू सीलमपुर की जे-ब्लॉक झुग्गियों के पास रास्ते में उनकी आरोपी नईम से मामूली टक्कर हो गई। इसी बात पर आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और पास रखे चाकू से राशिद की गर्दन और हाथ पर हमला कर दिया।
वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि गंभीर रूप से घायल राशिद को उनके पिता शास्त्री पार्क स्थित जग प्रवेश चंद्र अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनमोल नोहरिया की अदालत ने कहा कि कानून में घायल गवाह की गवाही को विशेष महत्व दिया जाता है। अपराध का शिकार हुआ व्यक्ति वास्तविक अपराधी को छोड़कर किसी निर्दोष को फंसाने की संभावना नहीं रखता। अदालत ने माना कि राशिद की गवाही भरोसेमंद है और मेडिकल लीगल सर्टिफिकेट (एमएलसी) से चोटों की पुष्टि भी होती है। बचाव पक्ष की ओर से यह दलील दी गई कि घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद नहीं किया गया है, लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। अदालत ने इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी नईम को आईपीसी की धारा 324 के तहत दोषी ठहराया।

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