
वायु प्रदूषण की समस्या विरासत में मिली: रेखा गुप्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वायु प्रदूषण को विरासत में मिली समस्या बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पिछले 10 महीनों से इस पर काम कर रही है। प्रदूषण के कई कारणों जैसे धूल और वाहनों के उत्सर्जन का जिक्र किया। गुप्ता ने पूर्व सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
नई दिल्ली, एजेंसी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की समस्या को विरासत में मिली समस्या करार देते हुए शनिवार को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार इस मुद्दे के समाधान के लिए बीते 10 महीनों से सक्रिय रूप से काम कर रही है। हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण, कूड़े के पहाड़ और टूटी सड़कों जैसी समस्याएं विरासत में मिली हैं। उनकी सरकार लगातार प्रयासों से इनसे निपटने के लिए काम कर रही है। उन्होंने यमुना नदी की सफाई को भी एक ‘बड़ी परियोजना’ बताया और कहा कि उनका प्रशासन नदी को पुनर्जीवित करने के लिए रोजाना काम कर रहा है।
गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि ने प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि धूल, वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन सहित कई कारक प्रदूषण संकट में योगदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, यह भी मायने रखता है कि पिछली सरकार ने क्या कदम उठाए थे। हमारी सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए वो सभी कदम उठाए हैं, जो पिछली सरकारों ने नहीं उठाए थे। गुप्ता ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें ‘मिस्ट टेक्नोलॉजी’ के इस्तेमाल के जरिये पानी के स्प्रे से धूल को कम करना, झुग्गी बस्तियों में रसोई गैस कनेक्शन प्रदान करना, खुले में अलाव जलाने से रोकने के लिए सुरक्षा गार्ड को हीटर उपलब्ध कराना, इलेक्ट्रिक बसों के साथ सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के हल के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है। केवल सख्त उपाय ही कारगर नहीं होंगे। निगरानी केंद्रों के साथ छेड़छाड़ के आरोप गलत मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि इस साल दीवाली में पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पिछले साल के स्तर पर ही रहा। उन्होंने विपक्षी दलों के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के साथ छेड़छाड़ करके एक्यूआई के आंकड़े को कम करके बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार नगर निगम के नालों को बंद करके और मल-जल उपचार संयंत्रों का निर्माण एवं उन्नयन करके यमुना नदी में प्रदूषण और झाग को हटाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि यमुना नदी में स्वच्छ जल दिखाने के लिए छठ पर्व के दौरान वासुदेव घाट पर एक तालाब बनाया गया था।

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