
एम्स समेत पांच अस्पतालों को पहली बार 10 हजार करोड़ मिले
दिल्लीवालों की सेहत सुधारने के लिए खोला खजाना, अकेले एम्स का बजट इन चार अस्पतालों के कुल बजट से 19.59 प्रतिशत अधिक है
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। केंद्रीय बजट में दिल्ली के पांच प्रमुख केंद्रीय अस्पतालों के लिए कुल 10,100.58 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें सबसे अधिक बढ़ोतरी एम्स (ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज) के बजट में हुई है, जबकि सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) से जुड़े सुचेता कृपलानी और कलावती सरन अस्पताल के बजट में आंशिक कटौती हुई है। वर्तमान वित्त वर्ष में एम्स को पहली बार 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मिला है। वहीं अन्य चार अस्पतालों को कुल 4,599.66 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। अकेले एम्स का बजट इन चार अस्पतालों के कुल बजट से 19.59 प्रतिशत अधिक है।
पिछले वर्ष एम्स सहित पांच केंद्रीय अस्पतालों को कुल 9,821 करोड़ रुपये का बजट मिला था। इस बार पांच अस्पतालों का बजट 179.58 करोड़ रुपये बढ़ा है, जिसमें एम्स को 901.26 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट वृद्धि से दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण को नई गति मिलेगी। विशेषकर एम्स में लंबित परियोजनाओं जैसे स्काई वॉक और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के निर्माण से मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। एम्स में 900 मीटर का स्काई वॉक बनेगा एम्स के मास्टर प्लान के तहत अस्पताल में 900 मीटर लंबा स्काई वॉक बनाने की योजना है। यह मुख्य परिसर और मस्जिद मोड परिसर के बीच बेहतर आवागमन के लिए बनाया जाएगा। स्काई वॉक एम्स मेट्रो स्टेशन से मस्जिद मोड परिसर तक सुविधा प्रदान करेगा। इसके लिए अतिरिक्त बजट की मांग की गई थी, जिसे केंद्रीय बजट में शामिल किया गया। सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी ब्लॉक का निर्माण होगा सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी ब्लॉक का निर्माण भी अब शुरू हो सकेगा। मस्जिद मोड परिसर में बनने वाले इस ब्लॉक में हृदय, न्यूरो, कैंसर और नेत्र रोग विशेषज्ञता की सेवाएं दी जाएंगी। बजट वृद्धि के बाद इस परियोजना के टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। एम्स में अत्याधुनिक जांच और इलाज उपकरण भी स्थापित किए जाएंगे। मातृ एवं शिशु ब्लॉक की योजना आगे बढ़ेगी सफदरजंग अस्पताल को भी बजट बढ़ाकर 2,170.75 करोड़ रुपये किया गया है। यहां मातृ एवं शिशु ब्लॉक के निर्माण की योजना है, जिसमें लगभग 1,000 बेड होंगे। इस परियोजना की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ सकेगी। इसके अलावा, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का बजट भी बढ़ाकर 251.20 करोड़ रुपये से 270.20 करोड़ रुपये कर दिया गया है। केंद्र के पांच अस्पतालों के लिए पिछले दो वित्त वर्ष और आगामी वित्त वर्ष का बजट (करोड़ रुपये में) अस्पताल 2024-25 2025-26 2026-27 एम्स 4523.0 5200.0 5500.92 सफदरजंग 1874.0 2179.58 2170.75 आरएमल 1610.0 1458.26 1450.79 एलएचएमसी 750.0 800.0 795.90 कलावती सरन 180.0 183.16 182.22 कुल 8937 9821 10,100.58

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