आतंकी मॉड्यूल एक साल से तलाश रहा था आत्मघाती हमलावर
दिल्ली में हुए धमाके के पीछे 'व्हाइट कॉलर' टेरर मॉड्यूल था, जिसका प्रमुख साजिशकर्ता डॉ. उमर नबी था। जासिर नामक एक सदस्य ने आत्मघाती हमलावर बनने से मना किया। योजना 6 दिसंबर को बड़ा धमाका करने की थी, जो तब ध्वस्त हुई जब जासिर ने पीछे हटने का फैसला किया।

नई दिल्ली/श्रीनगर, एजेंसी। दिल्ली में धमाके के लिए जिम्मेदार ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल बीते एक साल से आत्मघाती हमलावर की तलाश में था। इस मॉड्यूल का प्रमुख साजिशकर्ता दिल्ली धमाके में मारा गया डॉ. उमर नबी ही था। वह मॉड्यूल में लगातार आत्मघाती हमलावर शामिल करने पर जोर दे रहा था। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि उमर कट्टरपंथी सोच वाला था और ऑपरेशन के लिए ‘सुसाइड बॉम्बर’ को जरूरी मानता था। श्रीनगर पुलिस ने दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड से जासिर उर्फ दानिश को हिरासत में लिया था, जिसने इन बातों का खुलासा किया है।
पुलिस ने एसएसपी श्रीनगर डॉ. जीवी संदीप चक्रवर्ती की अगुवाई में पूरे मॉड्यूल के भंडाफोड़ का दावा किया है। जासिर ने आत्मघाती हमलावर बनने से मना किया जासिर ने बताया कि वह अक्तूबर 2023 में कुलगाम की एक मस्जिद में टेरर मॉड्यूल के सदस्यों से मिला था। वहां से उसे फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास किराए के घर ले जाया गया। मॉड्यूल के कुछ सदस्य उसे जैश-ए-मोहम्मद का ओवरग्राउंड वर्कर बनाना चाहते थे, लेकिन उमर ने कई महीनों तक उसे आत्मघाती हमलावर बनने के लिए ब्रेनवॉश किया। यह योजना अप्रैल 2024 में तब ध्वस्त हो गई जब जासिर पीछे हट गया। उसने आर्थिक स्थिति और इस्लाम में आत्महत्या के निषेध को वजह बताया। छह दिसंबर को धमाका करना चाहते थे अधिकारियों के मुताबिक, पुलवामा निवासी उमर मॉड्यूल का सबसे कट्टर और अहम सदस्य था। उसके निशाने पर दिल्ली या किसी धार्मिक स्थल पर 6 दिसंबर (बाबरी विध्वंस की बरसी) के आसपास बड़ा धमाका करना था। तुर्किये में मुलाकात के बाद एकत्रित किया विस्फोटक पूछताछ में यह भी पता चला कि 2021 में तुर्किये की यात्रा के दौरान उमर और डॉ. मुजम्मिल की मुलाकात जैश के ओवरग्राउंड वर्करों से हुई थी। इसी के बाद दोनों ने बड़ी मात्रा में रसायन इकट्ठा करना शुरू किया। इसमें 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर था। इसका बड़ा हिस्सा यूनिवर्सिटी कैंपस के पास ही रखा गया था। साजिश का खुलासा तब हुआ जब श्रीनगर पुलिस ने मुजम्मिल को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए। इसके बाद उमर घबरा गया और लाल किले के पास समय से पहले हुए विस्फोट में मारा गया।
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