
फांसी घर मामले पर शीतकालीन सत्र में पक्ष विपक्ष में हो सकता है टकराव
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता फांसी घर मामले पर आगामी शीतकालीन सत्र में विधानसभा
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता फांसी घर मामले पर आगामी शीतकालीन सत्र में विधानसभा सदन में चर्चा होने की संभावना है। बहुत संभावना है कि इस विषय पर पक्ष और विपक्ष में टकराव होगा। दिल्ली विधान सभा की कार्य मंत्रणा समिति ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में 9 अगस्त 2022 को उद्घाटित किए गए ‘फांसी घर’ नामक संरचना की प्रामाणिकता से संबंधित विषय पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। यह विषय पूर्व में विशेषाधिकार समिति द्वारा जांच के अधीन रहा था, जिसके उपरांत इसे सदन में प्रस्तुत किए जाने की उपयुक्त संसदीय प्रक्रिया निर्धारित करने हेतु कार्य मंत्रणा समिति के समक्ष रखा गया।
सूत्रों के अनुसार समिति ने विचार-विमर्श के पश्चात एक प्रस्ताव को स्वीकार किया, जिसे 5 से 8 जनवरी 2026 तक आयोजित आठवीं विधान सभा के चौथे (शीतकालीन) सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखा जा सकता है। यह विषय विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ‘फांसी घर’ संरचना की प्रामाणिकता को लेकर व्यक्त की गई चिंताओं के बाद लाया गया था, जिसके बाद विशेषाधिकार समिति को इस प्रकरण की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया। जांच प्रक्रिया के दौरान विशेषाधिकार समिति द्वारा संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष रिकॉर्ड पर रखने के लिए अवसर प्रदान किए गए। जांच के दौरान यह संज्ञान में आया कि दो अवसर प्रदान किए जाने के बावजूद अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया,राम निवास गोयल तथा राखी बिरला विशेषाधिकार समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार कार्य मंत्रणा समिति ने इस बात पर बल दिया कि सदन के समक्ष लाए जाने वाले विषयों में प्रक्रियागत स्पष्टता, संस्थागत उत्तरदायित्व तथा संसदीय परंपराओं का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, जिससे विधान सभा में सुव्यवस्थित एवं सूचित चर्चा संभव हो सके।

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