विधानसभा सुंरक्षा के लिए एकीकृत कमांड ढांचा बनेगा
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एकीकृत कमांड ढांचे का निर्माण किया जाएगा। सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जाएंगे। यह निर्णय हालिया सुरक्षा चूक के मद्देनजर लिया गया है। पुलिस ने घुसपैठ के आरोपी सरबजीत की गतिविधियों की जांच तेज कर दी है।

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एकीकृत कमांड ढांचा बनाने का फैसला लिया गया है। साथ ही सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जाएंगे। यह निर्णय मंगलवार को हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने की। बैठक में दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ, आईबी, पीडब्ल्यूडी और विधानसभा के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हालिया सुरक्षा चूक को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रस्ताव है कि सुरक्षा बलों के लिए एक संयुक्त कमांड बनाया जाए, जिसका नेतृत्व एक अधिकारी करेगा, ताकि आपात स्थिति में त्वरित समन्वय और प्रभावी कार्रवाई हो सके।
इसके अलावा हर गेट पर कम से कम दो सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, मोबाइल पेट्रोलिंग यूनिट और प्रवेश-निकास व्यवस्था को सख्त करने के निर्देश दिए गए। आईबी और पुलिस अधिकारियों ने मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर सुधार के क्षेत्रों की पहचान की। डीसीपी ने नियमित मॉक ड्रिल और केंद्रीकृत अलार्म सिस्टम का सुझाव दिया, जबकि पीडब्ल्यूडी ने अतिरिक्त सुरक्षा गेट लगाने की सिफारिश की।पानीपत से गुलदस्ता-फूल खरीदकर दिल्ली पहुंचा थाविधानसभा परिसर में कार घुसाने के आरोपी सरबजीत की गतिविधियों को लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सामने आया है कि वह दिल्ली आने से पहले पानीपत में रुका था, जहां से उसने गुलदस्ता और माला खरीदी। इन्हें वह घटना के दिन परिसर में छोड़कर भागा था।जांच के मुताबिक, 3 अप्रैल को सरबजीत पीलीभीत से निकलकर नांगल और आनंदपुर साहिब गया था। वहां पारिवारिक विवाद के बाद 5 अप्रैल की शाम लौटते समय पानीपत रुका और फिर मुरथल के ढाबे पर खाना खाया, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई है। इसके बाद वह सीधे दिल्ली पहुंचा और विधानसभा के गेट नंबर-2 को तोड़कर अंदर घुस गया।पुलिस अब पिछले 15 दिनों की उसकी गतिविधियों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सोशल मीडिया खातों की जांच कर रही है। उसका मोबाइल फोन अंबाला में बंद मिला, जो अभी तक बरामद नहीं हुआ है। पूछताछ में आरोपी बार-बार बयान बदल रहा है। कभी वह भांजे के गुम होने का हवाला देता है, तो कभी कहता है कि पुलिस का ध्यान खींचने के लिए ऐसा किया। वहीं, उसके साथी के अनुसार वह संसद भवन जाने की बात भी कर रहा था, जिससे पुलिस की जांच और गंभीर हो गई है।गेट नंबर दो पर सतर्कता बढ़ाईदिल्ली विधानसभा गेट नंबर-2 पर मंगलवार को कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। हालिया घटना के बाद परिसर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। गेट पर लोहे का मुख्य दरवाजा बंद रखा गया और बूम बैरियर को दुरुस्त किया गया। बाहर सीआरपीएफ के हथियारबंद जवान तैनात रहे, साथ ही अतिरिक्त बैरिकेडिंग भी लगाई गई। गेट नंबर-3 पर भी इसी तरह की सख्ती देखने को मिली।इसी बीच उत्तर जिला पुलिस ने एलजी आवास, मुख्यमंत्री आवास और लाल किला समेत संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जहां भी खामियां मिलीं, उन्हें तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए और अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाई गई। शालीमार बाग स्थित मुख्यमंत्री के निजी आवास पर भी सुरक्षा समीक्षा की गई, जहां व्यवस्था संतोषजनक पाई गई और किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं समझी गई।ड्यूटी पर तैनात जवान को कुचलने की कोशिशदिल्ली विधानसभा गेट नंबर-2 पर घुसपैठ के दौरान आरोपी सरबजीत ने ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ जवान को कुचलने की कोशिश की। एफआईआर के अनुसार, जवान ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई।हेडकांस्टेबल जयप्रकाश नारायण की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि तेज रफ्तार कार को रोकने का इशारा करने के बावजूद चालक ने लोहे का गेट और बूम बैरियर तोड़ दिया और परिसर में घुस गया। इस दौरान उसने दो बार जवान को कुचलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने खुद को बचा लिया। घटना में उनके कपड़े फट गए और हाथ-पैर में चोट आई, जिसके बाद उनका मेडिकल कराया गया।एफआईआर में कहा गया है कि आरोपी कार को मुख्य पोर्च तक ले गया और शोर मचाने पर भी नहीं रुका। हेडकांस्टेबल ने बताया कि वह आरोपी की पहचान कर सकते हैं। मामले की जांच एसएचओ हनुमंत सिंह को सौंपी गई है। जांच के दौरान एफएसएल टीम ने विधानसभा अध्यक्ष के वाहन से एक बाल, दो गुलदस्ते और फूलों की माला को सबूत के रूप में जब्त किया है।
लेखक के बारे में
Hemant Kumar Pandeyशॉर्ट बायो : हेमंत कुमार पांडेय वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिंदुस्तान अखबार के दिल्ली संस्करण में क्राइम, कानून एवं राजनीतिक-सामाजिक विषयों से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
हेमंत कुमार पांडेय राजधानी दिल्ली की क्राइम रिपोर्टिंग में स्थापित नाम हैं। वह वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह वर्ष 2013 से हिंदु्स्तान दिल्ली टीम का हिस्सा हैं। इस दौरान अपराध के बदलते ट्रेंड पर भी मजबूत पकड़ रखते हैं। खासतौर पर आर्थिक अपराध और साइबर अपराध। उन्होंने वर्ष 2017 से साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों पर रिपोर्टिंग किया है। इस बीते दस सालों में क्राइम की कई बड़ी ब्रेकिंग की जिसमें बुराड़ी में बसपा नेता समेत छह की हत्या, श्रद्धा वाल्कर मर्डर केस, एआई के इस्तेमाल सुलझा हत्या का मामला और महिला कांस्टेबल का दो साल बाद मिला कंकाल आदि खबरें प्रमुख हैं।
करियर का सफर
हेमंत ने करियर की शुरुआत में प्रथम प्रवक्ता मैगजीन के लिए रिपोर्टिंग की। फिर वर्ष 2009 में डीएलए नाम के सांध्य कालीन अखबार से करियर की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष वह 2011 में न्यूज एजेंसी आईएएनएस की टीम का हिस्सा बने। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं समसामयिकी मुद्दों से जुड़ी खबरों का अनुवाद करने का अनुभव मिला। फिर वर्ष 2013 जनवरी में दैनिक भाष्कर की दिल्ली और अक्तूबर में हिंदुस्तान दिल्ली टीम का हिस्सा बने।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
हेमंत ने B.Sc (बायोलॉजी) के बीएड एवं मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा की डिग्री ली। इस दौरान सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान इतिहास, भूगोल, अर्थ व्यवस्था, समसामयिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों और सामाजिक समस्याओं को लेकर एक समझ विकसित हुई। क्राइम रिपोर्टिंग के दौरान इससे सहायता मिली।
क्राइम रिपोर्टिंग एवं इसके आयाम
हेमंत की क्राइम रिपोर्टिंग के विभिन्न पक्षों पर गहरी पकड़ है। खासतौर पर कानून के प्रति समझ एवं पुलिस विभाग में अंदर तक पैठ है जिसकी वजह से एक्सक्लूसिव खबरें सही तथ्यों के साथ निकालकर पाठकों के लिए लाते हैं। हेमंत की रिपोर्टिंग सही और सटीक तथ्यों पर टिकी है।
विशेषज्ञता
साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध, गैंगवार
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