जलभराव से राहत के लिए प्रमुख ड्रेन परियोजनाएं मंजूर
शोल्डर--- दिल्ली सरकार ने 177 करोड़ रुपये मंजूर किए, आधा दर्जन परियोजनाएं होंगी पूरी

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग ने उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कई इलाकों में स्टॉर्म वाटर ड्रेन के बड़े रीमॉडलिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं को न्यू मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत प्रशासनिक और व्यय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसकी कुल लागत 177 करोड़ रुपये से अधिक है। इन परियोजनाओं के तहत पुराने और जर्जर ड्रेनों को आधुनिक प्रीकास्ट आरसीसी तकनीक से दोबारा बनाया जाएगा। इससे ड्रेनों की क्षमता बढ़ेगी, पानी के बहाव में सुधार होगा और निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा। यह कार्य राजधानी के कई महत्वपूर्ण इलाकों में किया जाएगा, जिनमें ज्ञान शक्ति मंदिर मार्ग, छोटूराम मार्ग, कैंप चौक से आजादपुर एच-प्वाइंट (मॉल रोड), सुल्तानपुरी, रोहिणी, नांगलोई रोड, महाराजा अग्रसेन मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कें शामिल हैं, जहां लंबे समय से ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।स्वीकृत
परियोजनाओं में अवंतिका रेड लाइट से विश्राम चौक तक छोटूराम मार्ग, कैंप चौक से आजादपुर एच-प्वाइंट (मॉल रोड), सुल्तानपुरी बस टर्मिनल के पास पुलिस स्टेशन रोड से फ्लड कंट्रोल ड्रेन तक तथा जैन नगर से रोहिणी सेक्टर-22 रेड लाइट तक ड्रेनों के रीमॉडलिंग का कार्य शामिल है। इसके अतिरिक्त सुल्तानपुरी मेन रोड से जलेबी चौक, जगदंबा रोड, तथा रोहिणी सेक्टर-16 और सेक्टर-17 की कई सड़कों पर भी आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।पुराने नाले को भी मजबूत कर रहेपीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में लंबे समय से चली आ रही ड्रेनेज समस्याओं को स्थायी रूप से हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। कई इलाकों में बरसात के समय जलभराव की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण रही है। मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत ये परियोजनाएं दिल्ली के स्टॉर्म वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री ने कहा कि सरकार केवल नई संरचनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन पुराने सिस्टम को भी मजबूत किया जा रहा है जो शहर के विस्तार के कारण अब पर्याप्त नहीं रह गए हैं।अधिक जलभराव वाली जगहों को प्राथमिकताप्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि विभाग उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहा है, जहां मानसून के दौरान जलभराव की समस्या बार-बार सामने आती है। हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली में बारिश के दौरान अनावश्यक जलभराव की स्थिति न बने। ये परियोजनाएं राजधानी के लिए एक मजबूत और सक्षम ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।ड्रेन के निर्माण के लिए इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलीज्ञान शक्ति मंदिर मार्गस्टॉर्म वॉटर ड्रेन का प्रीकास्ट से रीमॉडलिंगलागत: 12.33 करोड़ रुपयेछोटूराम मार्गअवंतिका रेड लाइट से विश्राम चौक तकलागत: 17.88 करोड़ रुपयेकैंप चौक - आजादपुर एच-प्वाइंट (मॉल रोड)स्टॉर्म वॉटर ड्रेन रीमॉडलिंगलागत: 46.45 करोड़ रुपयेपुलिस स्टेशन रोड, सुल्तानपुरीबस टर्मिनल से फ्लड कंट्रोल ड्रेन तकलागत: 13.72 करोड़ रुपयेमहाराजा अग्रसेन मार्गस्टॉर्म वॉटर ड्रेन रीमॉडलिंगलागत: 19.59 करोड़ रुपयेजैन नगर - रोहिणी सेक्टर-22 रेड लाइटदोनों ओर ड्रेन रीमॉडलिंगलागत: 22.66 करोड़ रुपयेसुल्तानपुरी-नांगलोई रोडरेलवे स्टेशन से बस टर्मिनल होते हुए जलेबी चौक तकलागत: 24.50 करोड़ रुपयेसुल्तानपुरी मेन रोड और जगदंबा रोडफ्लड कंट्रोल ड्रेन से जलेबी चौक तकलागत: 10.03 करोड़ रुपयेरोहिणी सेक्टर-16 और सेक्टर-17 की सड़केंबी-1, बी-3, ए-2 से ई-3 तथा बी-1 से ए-8 तकलागत: 10.29 करोड़ रुपये
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


