
चार गुना जहरीली हवा में सांस ले रहे दिल्लीवाले
सात दिन तक राहत के आसार नहीं, सांस और हृदय से जुड़ी बीमारियां बढ़ाने की संभावना
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी दिल्ली की हवा इन दिनों जहरीली हो चुकी है। दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना इस वक्त चार गुना ज्यादा खतरनाक हो गया है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक दिल्ली की हवा में कोई बड़ा सुधार होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहेगी। बीच-बीच में कुछ समय के लिए हवा चलेगी, लेकिन उसका असर प्रदूषण स्तर पर नहीं पड़ेगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार दोपहर दो बजे पीएम 10 का स्तर 395.2 और पीएम 2.5 का स्तर 246.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर दर्ज किया गया।

यह क्रमशः तय मानक से चार गुना अधिक है। सीपीसीबी के अनुसार, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कम होना चाहिए तभी उसे सुरक्षित माना जा सकता है। दिल्ली की हवा में मौजूद प्रदूषक कणों का स्तर दो दिन पहले की तुलना में काफी बढ़ा है। 10 नवंबर को दिन के दो बजे पीएम 10 का स्तर 306 और पीएम 2.5 का स्तर 182 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। यानी, पिछले 48 घंटों में दिल्ली की हवा और जहरीली हो गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण का यह स्तर सांस और हृदय से जुड़ी बीमारियों को बढ़ा सकता है। स्थानीय स्रोत बने मुख्य कारण प्रदूषण के बढ़ते स्तर के पीछे इस बार पराली का धुआं उतना जिम्मेदार नहीं है, जितना स्थानीय प्रदूषण स्रोत। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली की हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 15.45 फीसदी थी, जबकि बुधवार को यह घटकर सिर्फ 7.3 फीसदी रह गई। यानी राजधानी की हवा को बिगाड़ने में वाहनों, निर्माण कार्यों, कचरा जलाने और औद्योगिक उत्सर्जन की भूमिका सबसे अधिक है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण के तीन मौसमी कारण भी हवा की गुणवत्ता बिगाड़ रहे हैं। इन तीन कारणों से नहीं घट रहा प्रदूषण पहला : ठंड की शुरुआत से तापमान गिरा है, जिससे हवा भारी हो गई है और प्रदूषक कण नीचे टिके रहते हैं। दूसरा : हवा की गति धीमी है, जिससे प्रदूषण फैलने के बजाय जमा हो रहा है। तीसरा : हल्के कोहरे के कारण हवा में मौजूद नमी कणों से मिलकर स्मॉग की परत बना रही है। इसके अलावा, कचरा और बायोमास जलाने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं, जो जहरीला धुआं हवा में घोल रही हैं। सलाह : जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक दिल्ली की हवा में कोई बड़ा सुधार होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहेगी। बीच-बीच में कुछ समय के लिए हवा चलेगी, लेकिन उसका असर प्रदूषण स्तर पर नहीं पड़ेगा। राजधानी की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘गंभीर’ से ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी रहेगी। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय खुले में व्यायाम न करें, एन-95 मास्क का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। दिल्ली की हवा फिलहाल राहत से कोसों दूर है।

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