
प्रदूषण: राजधानी में फिर बहुत खराब श्रेणी में पहुंची हवा
राजधानी में फिर बहुत खराब श्रेणी में पहुंची हवा नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता
राजधानी में फिर बहुत खराब श्रेणी में पहुंची हवा नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता राजधानी में प्रदूषण के स्तर में एक बार फिर बढोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली के प्रदूषण स्तर में शुक्रवार को तेज गिरावट हुई। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शनिवार को औसत वायु गुणवत्ता 303 अंक दर्ज किया गया। यह बहुत खराब श्रेणी में आता है। शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता 218 के अंक पर था। गुरुवार की तुलना में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक में 155 अंकों का सुधार हुआ था। दिल्ली के लोग 14 अक्तूबर के बाद से ही प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं।

लेकिन, 30 अक्तूबर को प्रदूषण इस मौसम में सबसे भयावह स्तर पर पहुंच गया। गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 373 के अंक पर दर्ज किया गया था। जबकि, दिल्ली के आठ इलाके ऐसे रहे थे जहां का सूचकांक 400 के अंक को पार करके गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता के स्तर में तेज सुधार हुआ है। इसके लिए मौसम के कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। लेकिन शनिवार को एक बार फिर इसमें बढोतरी दर्ज की गई। यही नहीं समीर एप पर शाम 5 बजे लगभग दो दर्जन स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर था। 6 तो ऐसे स्थान हैं जहां पर यह 350 से भी अधिक दर्ज किया गया। शनिवार को सबसे अधिक प्रदूषित केंद्र वजीरपुर दर्ज किया गया यहां पर यह सूचकांक शाम पांच बजे 379 दर्ज किया गया। दिल्ली की वायु गुणवत्ता शनिवार की सुबह भी 'खराब' श्रेणी में रही और समग्र एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) थोड़ा बढ़कर 251 हो गया जो एक दिन पहले 218 था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। शाम को यह बहुत खराब श्रेणी में चली गई। एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है। फिर बढ़ा पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषक कणों का स्तर भी पहले के मुकाबले शुक्रवार को जहां काफी नीचे आया था वहीं शनिवार को यह फिर बढ़ गया। सीपीसीबी के मुताबिक शाम पांच बजे दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 10 का स्तर 257 और पीएम 2.5 का स्तर 147 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा था। मानकों के मुताबिक हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से नीचे और पीएम 2.5 का स्तर 60 से नीचे होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। इस अनुसार दिल्ली की हवा में अभी भी मानकों से ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं। प्रदूषण मीटरः वायु गुणवत्ता सूचकांकः 30 अक्तूबर---373 31 अक्तूबर----218 1 नवंबर-- 303 शाम पांच बजे यहां की हवा थी सबसे खराबः वजीरपुर---379 आरकेपुर--369 बवाना---363 आरकेपुर--369 नरेला--358 जहांगीरपुरी--357 रोहिणी--354

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