
दिल्ली में 11 इलाकों की हवा बेहद जहरीली
हवा में मौजूद नमी के साथ मिलकर बन रहा स्मॉग, लोगों के लिए सांस लेना भी दूभर हो रहा
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। प्रदूषण के चलते लगातार तीसरे दिन राजधानी गैस चैंबर जैसी बनी रही। खासतौर पर सुबह और शाम के समय कोहरे के साथ मिलकर स्मॉग लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। सोमवार को दिल्ली के 11 स्थानों पर प्रदूषण का स्तर सीवियर प्लस यानी बेहद गंभीर श्रेणी में रहा। इन इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 से ऊपर दर्ज किया गया। दिल्ली के लोगों को इस समय साल के सबसे ज्यादा भयावह प्रदूषित दिनों का सामना करना पड़ रहा है। हवा में मौजूद नमी के साथ मिलकर दिल्ली के वायुमंडल में स्मॉग बन रहा है, जिसके चलते लोगों के लिए सांस लेना भी दूभर हो रहा है।

प्रदूषण के चलते लोगों को खांसी, छींक, नाक और गले में खराश, आंखों में जलन, सिरदर्द जैसी परेशानियां हो रही हैं। खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों और सड़क के किनारे रहने या सड़क के किनारे ज्यादातर समय बिताने वालों को इसकी परेशानी ज्यादा हो रही है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सोमवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 427 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले यह सूचकांक 461 के अंक पर रहा था। यानी 24 घंटे के अंदर सूचकांक में 34 अंकों का सुधार हुआ है। हवा एकदम शांत पड़ जाने के चलते रविवार को दिल्ली का सूचकांक समग्र तौर पर सीवियर प्लस श्रेणी में चला गया था। लेकिन, सोमवार को हवा की गति थोड़ी बढ़ी। खासतौर पर दिन के समय धूप भी निकली और हवा की गति भी कुछ समय के लिए 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही। इसके चलते प्रदूषण के स्तर में कुछ अंकों का सुधार हुआ है। सुबह दस बजे के लगभग दिल्ली का सूचकांक 450 के अंक पर रहा था। जबकि, शाम चार बजे तक इसमें और सुधार हुआ और यह 427 के अंत तक पहुंच गया। हालांकि, अभी भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में ही है। जबकि, दिल्ली के 11 इलाकों का सूचकांक 450 से ऊपर यानी बेहद गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। मानकों से चार गुना ज्यादा सीपीसीबी के मुताबिक हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। दिल्ली-एनसीआर की हवा में सोमवार दिन में तीन बजे पीएम 10 का औसत स्तर 388.7 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 261 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषक कणों का स्तर अभी मानकों से लगभग चार गुना ज्यादा बना हुआ है। हल्का सुधार होने के आसार वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बीच हवा के रफ्तार में थोड़ी तेजी आएगी। खासतौर पर दिन के समय हवा की रफ्तार दस किलोमीटर प्रति घंटे से तेज होगी और दिन के समय धूप निकलेगी। इससे प्रदूषक कणों का विसर्जन भी तेज होगा। इससे प्रदूषण के स्तर में हल्का सुधार होगा और वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर श्रेणी से सुधरकर बहुत खराब श्रेणी में आ सकता है। हालांकि, दिल्ली की हवा पूरी तरह से साफ होने की अभी उम्मीद नहीं है। प्रदूषण मीटर बीते दस दिन का वायु गुणत्ता सूचकांकः 06 दिसंबर---330 07 दिसंबर---308 08 दिसंबर---314 09 दिसंबर---282 10 दिसंबर---259 11 दिसंबर---307 12 दिसंबर---349 13 दिसंबर---431 14 दिसंबर---461 15 दिसंबर---427 बेहद गंभीर श्रेणी में इन इलाकों की हवा आनंद विहार---467 अशोक विहार---472 डीटीयू---461 जहांगीरपुरी---476 मुंडका---455 नेहरू नगर---457 पटपड़गंज---452 पंजाबी बाग---470 सीरी फोर्ट---466 विवेक विहार---469 वजीरपुर---482

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