संसद सत्र::अमेरिका में भारतीय छात्रों के नामांकन में 6.9% की गिरावट: सरकार

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अमेरिका में भारतीय छात्रों के नामांकन में पिछले साल की तुलना में 6.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। फरवरी 2026 तक 3.5 लाख से अधिक भारतीय छात्र विभिन्न कार्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा वीजा नियमों को सख्त करना है। सरकार इस मुद्दे पर अमेरिकी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है।

संसद सत्र::अमेरिका में भारतीय छात्रों के नामांकन में 6.9% की गिरावट: सरकार

नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका में भारतीय छात्रों के नामांकन में पिछले साल के मुकाबले 6.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। फरवरी 2026 तक प्राथमिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के विभिन्न कार्यक्रमों में 3.5 लाख से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6.9 प्रतिशत कम है। सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी है।विदेश मंत्रालय से पूछा गया था कि क्या अमेरिका में भारतीय छात्रों के नामांकन में कमी आई है और इसमें वीजा स्लॉट की कमी तथा वीजा रिजेक्शन (अस्वीकृति) की उच्च दर का कितना हाथ है।विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग के डाटा के आधार पर बताया कि फरवरी 2025 में अमेरिका में अलग-अलग कार्यक्रमों में 378787 छात्र नामांकित थे, फरवरी 2026 में यह संख्या 352644 हो गई है।

यह डाटा प्राथमिक, माध्यमिक, व्यावसायिक, भाषा प्रशिक्षण, उड़ान स्कूल, स्नातक , मास्टर और डॉक्टरेट जैसे सभी स्तरों के छात्रों का है।गिरावट के मुख्य कारण: सख्त वीजा नियममंत्री ने बताया कि अमेरिका द्वारा वीजा स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रिया को कड़ा करना इस गिरावट का एक प्रमुख कारण है।जून 2025 में अमेरिका ने विस्तार से स्क्रीनिंग और जांच की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले व्यक्तियों की पहचान करना है।नए दिशा-निर्देशों के तहत, एफ, एम और जे श्रेणी के छात्र वीजा आवेदकों की ऑनलाइन उपस्थिति की व्यापक जांच की जाती है। इसके लिए आवेदकों को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग्स को 'पब्लिक'करने के लिए कहा गया है। वर्तमान अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यूएस वीजा विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं।रद्द भी होता है वीजामंत्री ने बताया कि वीजा मिलने का मतलब यह नहीं है कि छात्र वहां स्थायी रूप से रह सकता है। वीजा मिलने के बाद भी निगरानी जारी रहती है और कई स्थितियों में वीजा रद्द कर दिया जाता है, जैसे बिना सूचना के शैक्षणिक कार्यक्रम बीच में छोड़ देना, बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाना या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना, शराब पीकर गाड़ी चलाना तथा वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां रुकना।मंत्री ने कहा कि हालांकि वीजा नीति किसी भी देश का संप्रभु अधिकार है, लेकिन भारत सरकार अमेरिकी अधिकारियों के साथ लगातार इस मुद्दे को उठा रही है। सरकार का उद्देश्य एक ऐसा सुरक्षित ढांचा तैयार करना है जिससे भारतीय छात्रों और पेशेवरों की आवाजाही सुगम और कानूनी रूप से आसान हो सके।

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