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सेवानिवृत्त शिक्षक को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 1.61 करोड़ की ठगी

सेवानिवृत्त शिक्षक को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 1.61 करोड़ की ठगी

संक्षेप:

कर्नाटक के एक 72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक पालडेन के साथ साइबर ठगों ने मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर 1.61 करोड़ रुपये की ठगी की। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए डराया और कहा कि उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। बुजुर्ग ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट और रिश्तेदारों से उधार लेकर पैसे दिए।

Jan 02, 2026 05:11 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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कारवार, एजेंसी। कर्नाटक के एक 72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक से साइबर ठगों ने मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर कथित तौर पर 1.61 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने लगातार वीडियो कॉल कर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किया और यह रकम ऐंठी। व्हॉट्सऐप कॉल कर धमकाया उत्तर कन्नड़ जिले के मुंडगोड स्थित तिब्बती कॉलोनी के निवासी पालडेन के साथ हुई। जिला पुलिस में गुरुवार को दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पालडेन को एक अज्ञात व्यक्ति का व्हॉट्सऐप कॉल आया, जिसने खुद को महाराष्ट्र के कोलाबा पुलिस स्टेशन का निरीक्षक बताया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि मुंबई में गिरफ्तार एक आतंकवादी के पास से कई एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं, जिनमें से एक कार्ड पालडेन के नाम पर दर्ज है।

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पुलिस की वर्दी पहन किया वीडियो कॉल ठग ने बुजुर्ग को यह कहकर डराया कि उसके बैंक खातों से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है और उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमकी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल की और पीड़ित को फर्जी बैंक स्टेटमेंट भेजे। साथ ही बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसे अपनी धनराशि तथाकथित राष्ट्रीय कोष में जमा करनी होगी और जांच पूरी होने के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा। हर दो घंटे पर ठिकाना बताने का निर्देश जालसाजों ने कथित तौर पर उसे चेतावनी दी कि वह इस मामले पर किसी से चर्चा न करे और उसे हर दो घंटे में व्हाट्सएप के माध्यम से अपने ठिकाने की जानकारी देने का निर्देश दिया। पुलिस ने बताया कि कानूनी नतीजों के डर से पाल्डेन ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट और रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर कुल 1.61 करोड़ रुपये दिए। बाद में धोखाधड़ी का एहसास होने पर पुलिस से संपर्क किया। आरोपियों का पता लगाने और धन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।