
ऑपरेशन साइबर हॉक 2.0 के तहत एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी रैकेट का खुलासा
नई दिल्ली में राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने ऑपरेशन साइबर हॉक 2.0 के तहत अंतरराज्यीय साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया। दो आरोपी, मिशू सचदेवा और प्रांशु, को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके बैंक खातों से 1.08 लाख रुपये की ठगी की रकम बरामद की है। जांच में और आरोपियों की तलाश जारी है।
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। मध्य जिला की राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने ऑपरेशन साइबर हॉक 2.0 के तहत एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगों के लिए म्यूल बैंक खातों का इंतजाम करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिशू सचदेवा और प्रांशु के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके तीन बैंक खातों से 1.08 लाख रुपये की ठगी की रकम बरामद की है। डीसीपी निधिन वल्सन ने बताया कि अभियान के दौरान संदिग्ध म्यूल खातों की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि एक निजी बैंक खाते में जमा 50 हजार रुपये बेंगलुरु निवासी पीड़ित से हुई 3.50 लाख रुपये की ठगी का हिस्सा थे।

पीड़ित को फर्जी अंतरराष्ट्रीय कस्टम अधिकारी बनकर कॉल किया गया था। पुलिस टीम ने रंजीत नगर से मिशू सचदेवा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने 15–20 दिन पहले पांच अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए और पांच सिम कार्ड लिए। उसने ये खाते अपने दोस्त प्रांशु के जरिए राहुल को पैसे लेकर इस्तेमाल के लिए दिए। प्रत्येक खाते के बदले उसे पांच हजार रुपये मिले। उधर, दरियागंज थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक अन्य मामले में भजनपुरा निवासी जनैद परवेज को गिरफ्तार किया है। उसके बैंक खाते का इस्तेमाल 17 लाख रुपये से अधिक की निवेश ठगी में हुआ था। पूछताछ में उसने साथी आरिश की भूमिका उजागर की। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

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