अध्ययन: भारत में फसलों के अवशेष का धुआं भी बढ़ा रहा उच्च रक्तचाप
भारत में फसलों के अवशेष जलाने से उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ रही है। एम्स के अध्ययन के अनुसार, हर साल 16 लाख लोग हाइपरटेंशन से मर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में चार में से एक और शहरी क्षेत्रों में तीन में से एक व्यक्ति उच्च रक्तचाप से ग्रसित है।

- यूपी, बिहार, हरियाणा, पंजाब में फसलों की आग और ह्रदय रोग पर किए गए अध्ययन खुलासा - एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि देश में हर साल 16 लाख मौतें हाइपरटेंशन की वजह से हो रहीं
- ग्रामीण क्षेत्रों में चार में से एक और शहरी क्षेत्र में तीन में से एक व्यक्ति उच्च रक्तचाप से ग्रसित
फसलों के अवशेष जलाने का प्रभाव
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। भारत में खाने में सोडियम और पोटेशियम का अनुपात बिगड़ने के साथ-साथ फसलों के अवशेष का धुआं भी उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या बढ़ा रहा है। एम्स दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर अंबुज रॉय ने चिंता जताते हुए कहा कि उच्च रक्तचाप के कारण देश में हर साल करीब 16 लाख लोग जान गंवा रहे हैं।
अध्ययन के निष्कर्ष
उन्होंने बताया कि फसलों के अवशेष जलाने से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों में स्वच्छ वायु गुणवत्ता वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की अपेक्षा उच्च रक्तचाप होने की संभावना करीब 15 फीसदी ज्यादा पाई गई। उत्तरी भारत के यूपी, बिहार, हरियाणा, पंजाब में फसलों की आग और ह्रदय रोग विषय पर किए गए अध्ययन में ऐसे ही निष्कर्ष सामने आए हैं।
अध्ययनकर्ताओं ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण से 1.88 लाख से ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस डेटा को नासा की उन सैटेलाइट तस्वीरों के साथ मिलाया गया, जो फसलों के अवशेष जलने की घटनाओं पर नजर रखती हैं। साथ ही, मौसम के पैटर्न और हवा की दिशा के विश्लेषण को भी इसमें शामिल किया गया। शोध के दौरान बायोमास जलने वाले क्षेत्रों को वर्गीकृत किया जहां 30 दिनों की अवधि में 100 किलोमीटर के दायरे में आग लगने की 100 से ज़्यादा घटनाएं हुई थीं।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
एम्स के प्रोफेसर डॉ. अंबुज रॉय ने बताया कि फसलों के अवशेष से निकलने वाले तेज धुएं के संपर्क में आने वाले लोगों में न केवल उच्च रक्तचाप का खतरा ज़्यादा पाया गया, बल्कि उनके सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप का स्तर भी बढ़ा पाया गया। 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के स्वास्थ्य पर इसका असर सबसे ज्यादा पाया गया।
देश में उच्च रक्तचाप से 30 करोड़ लोग ग्रसित
प्रोफेसर अंबुज रॉय ने बताया कि देश में करीब 30 करोड़ लोग उच्च रक्तचाप की बीमारी से ग्रस्त है। गांवों की अपेक्षा शहरी क्षेत्रों में यह तेजी से बढ़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में चार में से एक और शहरी क्षेत्रों में तीन में से एक व्यक्ति इससे ग्रसित है। इसकी वजह से हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी फेलियोर हो सकता है। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर लोगों की बीपी स्क्रीनिंग करके इसे रोकने में मदद मिल सकती है। कुछ लोगों में उच्च रक्तचाप के लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन वे इससे ग्रसित हो चुके होते हैं। ब्लड प्रेशर को चेक करते रहना चाहिए और अगर यह बढ़ता है तो तत्काल लाइफ स्टाइल में बदलाव करें और उपचार करें। उन्होंने बताया कि गर्मी में वर्तमान मौसम में हार्ट स्ट्रोक बढ़ सकते हैं। अगर आप धूप में काम करते हैं तो खुद को हाइड्रेट रखें, धूप में छतरी या टोपी का इस्तेमाल करें।
उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारण
- खाने में ज्यादा सोडियम लेना। लोग जरूरत से 2.5 गुना ज्यादा नमक खा रहे हैं।
- फल और सब्जियां कम खाने की वजह से शरीर में पोटेशियम की कमी हो रही है।
- शारीरिक व्यायाम न करना और मोटापा भी इसका बड़ा कारण है।
- वायु प्रदूषण
- तनाव भरी जिंदगी
- शराब की लत
- नींद कम लेना भी इसका कारण हो सकता है।
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