
रकम न चुकाने पर आरोपी के खिलाफ वारंट और एलओसी जारी
तीस हजारी अदालत ने 86 वर्षीय बुजुर्ग के पक्ष में ₹83 लाख की वसूली डिक्री के पालन में सख्ती दिखाई है। अदालत ने आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और लुक आउट सर्कुलर जारी करने का आदेश दिया है। आरोप है कि आरोपी ने डिक्री का भुगतान नहीं किया और संपत्तियां छिपाईं। अगली सुनवाई 27 फरवरी 2026 को होगी।
नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। तीस हजारी अदालत ने 86 वर्षीय बुजुर्ग के पक्ष में पारित 83 लाख रुपये से अधिक की वसूली डिक्री के पालन में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने डिक्री का भुगतान न करने और लगातार बचने के आरोप में आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने का आदेश दिया। जिला जज शिवाली शर्मा ने कहा कि 27 अगस्त 2024 को पारित वैध डिक्री को जानबूझकर निष्प्रभावी किया जा रहा है। अदालत ने आदेश दिया कि गिरफ्तारी वारंट सदर बाजार थानाध्यक्ष के माध्यम से तामील किया जाए और संबंधित डीसीपी के जरिए लुक आउट सर्कुलर जारी किया जाए।
शिकायतकर्ता के अधिवक्ता रवि दराल ने बताया कि आरोपी ने ठिकाना छिपाया, संपत्तियां बेचीं और डिक्री से बचने के लिए रिश्तेदारों के नाम ट्रांसफर कर दीं। पंजाब और सिंध बैंक की रिपोर्ट में बताया गया कि तिलक बाजार स्थित कई संपत्तियां बैंक के पास गिरवी थीं। अदालत ने पाया कि डिक्री पास होने से पहले आरोपी ने अन्य अचल संपत्तियां करीबी रिश्तेदारों को हस्तांतरित कीं, जिससे वसूली रोकी जा सके। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी 2026 को होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार डिक्री का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी तरह की टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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