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नई दिल्लीकोरोना से जंग : भारत को सेना समेत सभी संसाधन लगा देने चाहिए : फाउची

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Tue, 04 May 2021 04:10 PM
कोरोना से जंग : भारत को सेना समेत सभी संसाधन लगा देने चाहिए : फाउची

साक्षात्कार

शीर्ष अमेरिकी स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने कहा-हालात बेहद निराशाजनक

देश में महज 15 दिनों में 50 लाख से अधिक कोरोना मरीज मिले

वाशिंगटन, एजेंसी

अमेरिका के शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फाउची ने कोविड-19 की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित भारत के हालात को बेहद निराशाजनक करार दिया। उन्होंने भारत सरकार को अस्थायी फील्ड अस्पताल तत्काल बनाने के लिए सैन्य बलों समेत सभी संसाधनों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।

फाउची अन्य देशों से भी अपील की कि वे भारत की मदद के लिए केवल सामग्री ही नहीं, बल्कि विशेषज्ञ और कर्मचारी भी मुहैया कराएं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ. फाउची ने एजेंसी को दिए विशेष साक्षात्कार के दौरान राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाने की भी सलाह दी, ताकि संक्रमण की दर कम की जा सके और उसकी निरंतरता तोड़ी जा सके।

डॉ. फाउची ने यह सलाह ऐसे समय दी है, जब भारत में कोविड-19 के मामले दो करोड़ की संख्या पार कर गए हैं और महज 15 दिनों में संक्रमण के 50 लाख से अधिक मामले आए हैं। भारत में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर 2,02,82,833 पर पहुंच गए है और मृतक संख्या 2,22,408 हो चुकी है।

दूसरी ओर अमेरिका में संक्रमण के 3.2 करोड़ मामले हैं और 5,77,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अमेरिका की आबादी भारत की 120 करोड़ की जनसंख्या की एक-चौथाई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य संबंधी अपर्याप्त बुनियादी ढांचे, अपेक्षाकृत कमजोर अर्थव्यवस्था और निम्न जीवन स्तर के कारण भारत संक्रमण की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित हुई है और देश चिकित्सकीय ऑक्सीजन एवं अस्पतालों में आईसीयू बिस्तरों की कमी से जूझ रहा है।

अमेरिका नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शस डिजीजेज के निदेशक डॉ. फाउची ने भारत में व्यापक स्तर पर टीकाकरण मुहिम चलाने की भी सलाह दी। 80 वर्षीय फाउची ने कहा, सबसे पहले अभी उन्हें ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाना शुरू करना चाहिए, चाहे वे उनके द्वारा विकसित टीके हों या रूस और अमेरिका जैसे अन्य आपूर्तिकर्ताओं से खरीदे गए हों।

उन्होंने कहा कि अभी टीका लगाने से आज पैदा हुई समस्या खत्म नहीं होगी। इससे कई हफ्तों में समस्या को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि तत्काल समस्या यह है कि ऑक्सीजन और मूल उपचार के लिए अस्पतालों में रोजाना आ रहे हजारों मरीजों को कैसे इलाज मुहैया कराया जाए और उनकी देखभाल कैसे की जाए।

संक्रामक रोग के शीर्ष विशेषज्ञों में से एक डॉ. फाउची ने कहा, यह साफ है कि भारत में हालात बेहद गंभीर हैं। जब लोग इतनी बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हों, हर किसी की पर्याप्त देखभाल न हो पा रही हो, अस्पतालों में बिस्तरों, ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सा सामान की कमी हो, तो यह बेहद निराशाजनक स्थिति बन जाती है। पूरी दुनिया को हरंसभव मदद करनी चाहिए।

उन्होंने सलाह दी कि तत्काल अस्थायी अस्पताल बनाने के लिए सशस्त्र बलों की सहायता ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि चीन में जब पिछले साल गंभीर समस्या थी, तो उसने अपनी संसाधनों को बहुत तेजी से नए अस्पताल बनाने में जुटा दिया था, ताकि वह उन सभी लोगों को अस्पताल मुहैया करा सके, जिन्हें भर्ती किए जाने की आवश्यकता है।

डॉ. फाउची ने सुझाव दिया कि भारत को अपनी सेना की मदद से उसी तरह फील्ड अस्पताल बनाने चाहिए, जैसे कि युद्ध के दौरान बनाए जाते हैं, ताकि संक्रमितों को भर्ती किया जा सके। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत में संक्रमण की मौजूदा दर से अन्य देशों को भी खतरा है, तो उन्होंने कहा, देखिए, जब किसी एक देश में व्यापक स्तर पर संक्रमण फैला हो, तो संक्रमण का खतरा हमेशा होता है।

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