राजदरबार::: निशाना चूका

Jan 03, 2026 04:51 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की आरएसएस-भाजपा से सीख लेने की सलाह पर पार्टी में बहस चल रही है। अधिकतर नेता उनसे सहमत हैं, लेकिन कुछ का मानना है कि उनका उदाहरण गलत था। इसी बीच, उत्तराखंड में एक नेता के जन्मदिन पर बधाई देने में मुश्किल आई। झारखंड में एक पूर्व सलाहकार पार्टी की अंदरूनी बातें सोशल मीडिया पर खोल रहा है।

राजदरबार::: निशाना चूका

निशाना चूका कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की आरएसएस-भाजपा से संगठनात्मक सीख लेने की नसीहत को लेकर पार्टी में बहस जारी है। पार्टी के ज्यादातर नेता अंदरूनी तौर पर उनसे सहमत हैं। दबी जुबान में दिग्विजय सिंह की बात का समर्थन करने वाले एक नेता ने कहा कि उन्होंने बात ठीक की थी,पर आरएसएस-भाजपा का उदाहरण देने से उनका निशाना चूक गया। इस पर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने उचक कर पूछा कि उनका निशाना किस पर था, इस पर उस नेता ने जवाब दिया कि समझ तो पूरी कांग्रेस रही है, पर हर कोई यही चाहता है कि यह बात कोई दूसरा कहे।

मुश्किल बड़ी उत्तराखंड के एक बड़े नेता का नाम सोशल मीडिया के जरिये एक हत्याकांड से जुड़ने की वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए उन्हें जन्मदिन की बधाई देना मुश्किल हो गया। दरअसल, आजकल बधाइयां भी सोशल मीडिया पर ही दी जाती हैं। कुछ नेताओं ने उन्हें जैसे ही बधाई दी तो वे ट्रोल होने शुरू हो गए। इससे दूसरे नेताओं, कार्यकर्ताओं की हिम्मत जवाब दे गई। कुल मिलाकर नेताजी का जन्मदिन सोशल मीडिया पर तो फीका रहा, लेकिन हकीकत में कैसे मनाया, इसकी खबर किसी को नहीं है। अपने-पराए झारखंड की राजनीति में एक क्षेत्रीय पार्टी फिलहाल सत्ता से बाहर है। इसके चलते पार्टी का हाल आजकल कुछ ज्यादा ही खराब है। अब इस पार्टी के प्रमुख के विश्वस्त सहयोगी या कहें तो किसी जमाने में उनके सबसे खास रहे सलाहकार महोदय ने ही मोर्चा खोल दिया है। हर रोज सुबह से लेकर शाम तक पूर्व सलाहकार महोदय सोशल मीडिया पर ही छात्र राजनीति से राज्य की राजनीति में अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे पार्टी के बड़े नेताओं तथा उनके करीबियों की पोल खोलते हैं। दल में दो दशक गुजारने के बाद सारे राज अब सोशल मीडिया पर खोले जा रहे। तेवर के मायने उत्तर प्रदेश में भाजपा के नए अध्यक्ष ने पदभार संभालते ही अपने तेवर दिखा दिए हैं। एक जाति से जुड़े कुछ विधायक साथ क्या बैठे अध्यक्ष जी ने सख्त तेवर अपनाते हुए जो नसीहत दी उसका असर भी हुआ लेकिन सियासी चर्चाएं जोरों पर हैं। कोई विधायकों की बैठक को मिशन-2027 का टिकट सुनिश्चित करने का पैंतरा मान रहा है तो कोई नए अध्यक्ष जी की पहली परीक्षा। पार्टी में चर्चा है कि काफी समय से चल रही जातियों की खेमेबाजी को आखिर अध्यक्ष जी कैसे संतुलित रख पाएंगे। कुछ लोग अध्यक्ष जी के तेवर को अतिरेक करार दे रहे हैं तो कुछ का कहना है कि चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं में सख्ती और अनुशासन का संदेश देना भी जरूरी था। लिहाजा, कुछ लोगों की जुबान अध्यक्ष जी की प्रशंसा से थकी जा रही है। इन सबके बीच पार्टी मुख्यालय और जिलों में गुट बनाकर काम करने वाले कई खेमेबाजों में बेचैनी है। उन्हें डर सता रहा है कि पिछले कार्यकाल की उनकी कारगुजारियों की जानकारी अध्यक्ष जी तक न पहुंच जाएं। संभलकर बोलिए भाजपा के नए कार्यकारी अध्यक्ष युवा हैं। पार्टी के अधिकतर प्रमुख नेता उनसे उम्र, अनुभव एवं सांगठनिक दृष्टि से काफी वरिष्ठ हैं। ऐसे में, आपसी बातचीत में नए अध्यक्ष की चर्चा उनके नाम को लेकर ही करने लगते हैं। चूंकि कार्यकारी अध्यक्ष को जल्द राष्ट्रीय अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है, ऐसे में प्रोटोकॉल में बातचीत में सम्मान के साथ ही जिक्र करना होगा। सभी नेताओं को हिदायत दी गई है कि वह पद की गरिमा के हिसाब से ही बातचीत में नाम का उल्लेख करें, भले ही उनके पहले के रिश्ते कुछ भी रहे हों। हालांकि, नए कार्यकारी अध्यक्ष अभी भी उतने ही सहज हैं और वे अपने वरिष्ठ नेताओं और सहयोगियों से जैसे सम्मान के साथ बात करते थे, वैसे ही कर रहे हैं। सेटिंग का चक्कर अच्छी नियुक्ति के लिए ब्यूरोक्रेसी में लॉबिंग कोई नई बात नहीं है। लेकिन कई बार अधिकारी ऐसा कुछ करते हैं जिसकी वजह से उनकी खिंचाई भी हो जाती है। एक बड़े अधिकारी को किसी अहम मुद्दे पर प्रजेंटेशन को लेकर बोलना था लेकिन, जब उनसे बोलने को कहा गया तो वे विषय से हटकर सरकार की प्रशंसा करने लगे। अब उन्हें मजबूरी में एक बड़े अधिकारी ने टोका तो वे रुके। हालांकि, तब तक वहां बैठे अन्य अफसरों में कानाफूसी होने लगी। कहा जा रहा है कि अफसर अपनी बेहतर सेटिंग के लिए लगे हुए हैं, अब कितनी बात बनेगी वो तो वक्त ही बताएगा।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।