कांग्रेस ने संघर्ष विराम में पाक की भूमिका को लेकर सरकार को घेरा
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति से भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा कम हुई है, खासकर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष विराम में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर।

कांग्रेस ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष विराम में पाकिस्तान की मध्यस्थ की भूमिका को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उसका आरोप है कि सरकार पाकिस्तान को अलग-थलग करने में नाकाम रही है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि प्रधानमंत्री अमेरिका, इजरायल, ईरान और खाड़ी देशों के साथ विशेष मित्रता का दावा करते हैं। इसके साथ इस वर्ष ब्रिक्स की भी अध्यक्षता है, पर अमेरिका-इजरायल और ईरान के संघर्ष विराम की चर्चा में भारत की कोई भूमिका नहीं है। रमेश ने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम का पूरी दुनिया सतर्कतापूर्वक स्वागत करेगी।
यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान में शासन के शीर्षस्थ अधिकारियों की लक्षित हत्याओं के साथ शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह युद्ध प्रधानमंत्री की इजरायल यात्रा के दो दिन बाद शुरू हुआ था और इसने भारत के वैश्विक कद और प्रतिष्ठा को कम कर दिया। रमेश ने दावा किया कि संघर्ष विराम में पाकिस्तान द्वारा निभाई गई भूमिका प्रधानमंत्री मोदी की अत्यधिक व्यक्तिगत स्तर वाली कूटनीति के सार और शैली दोनों के लिए एक गंभीर झटका है। उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को लगातार समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को अलग-थलग करने में नाकाम रही है। उनके मुताबिक 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने में सफलता हासिल की थी।
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