
कांग्रेस का दावा, चीनी कंपनियों पर लगे प्रतिबंध हटा सकती है सरकार
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा - कहा, गलवान में
नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि केंद्र सरकार चीनी कंपनियों पर लगे पांच साल पुराने प्रतिबंधों को हटाने का प्रस्ताव रख रही है, ताकि वे भारतीय सरकारी ठेकों के लिए बोली लगा सकें। प्रमुख विपक्षी दल ने यह भी दावा किया कि यह कदम चीनी आक्रामकता के सामने एक 'सोची-समझी आत्मसमर्पण नीति' से कम नहीं है। कांग्रेस ने यह भी मांग की कि सरकार संसद के आगामी बजट सत्र के दौरान चीन नीति पर अचानक लिए गए इस यू-टर्न के बारे में स्पष्टीकरण दे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को लेकर एक्स पोस्ट में कहा, पांच साल से लगा चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध हटाया जा रहा है।
गलवान में भारतीय सैनिकों ने जो आहुति दी, उनके बलिदान का अपमान चीन को 'क्लीन चिट' थमाकर किया जा रहा है। खरगे ने कहा, अब चीनी कंपनियों के लिए लाल कार्पेट बिछाकर देखा जा रहा है कि उनकी 'लाल आंख में चीनी 'लाल रंग' कितना गहरा है। कांग्रेस प्रमुख ने यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रोजाना भारत द्वारा रूसी तेल निर्यात पर टिप्पणी कर रहें हैं लेकिन सरकार चुप है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारी गुटनिरपेक्ष और रणनीतिक स्वायत्तता वाली विदेश नीति को गहरी चोट पहुंचाई है और इसका खामियाजा भारत की जनता भुगत रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक खबर साझा की, जिसमें दावा किया गया है कि वित्त मंत्रालय सरकारी ठेकों के लिए बोली लगाने वाली चीनी कंपनियों पर पांच साल पुराने प्रतिबंधों को समाप्त करने की योजना बना रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा, यह झुकाव ऐसे समय हो रहा है, जब भारतीय सैनिकों को पारंपरिक गश्ती क्षेत्रों में पहुंचने से रोका जा रहा है। चीन पूर्वी लद्दाख में भारी सैन्य मौजूदगी बनाए हुए है। अरुणाचल प्रदेश के मामले में लगातार उकसा रहा है और ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध का निर्माण कर रहा है।

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