प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बात सुनना नहीं चाहते: जयराम रमेश
नई दिल्ली में कांग्रेस ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के पारित होने के बाद सरकार पर आरोप लगाया कि चार दिनों तक राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया। जयराम रमेश ने कहा कि यह जानबूझकर किया गया, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बातें नहीं सुनना चाहते थे।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि चार दिनों तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जानबूझकर सदन में बोलने नहीं दिया गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी उनकी बात सुनना नहीं चाहते थे। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने 10 जून 2004 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सदन में बोलने से रोका था, जबकि उस वक्त राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर संसद में पूरी चर्चा हुई थी।
संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को लोकसभा में बोलने से चार दिनों तक रोका गया। वह राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा नीति को लेकर कुछ बुनियादी विषयों पर बात करना चाहते थे, पर उन्हें जानबूझकर रोक दिया गया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ये बातें सुनना नहीं चाहते थे। जयराम रमेश ने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने का विषय उच्च सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि संसद के दो स्तंभ होते हैं, एक लोकसभा और दूसरा राज्यसभा। जब एक स्तंभ पर आक्रमण होता है दूसरा स्तंभ भी कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट है। रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार की मन की बात वाली सोच है। मन की बात सिर्फ रेडियो पर हो सकती है, पर संसद मन की बात के लिए नहीं है। संसद में विपक्ष के नेता बोलते हैं और फिर प्रधानमंत्री जवाब देते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया।
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