
संपादित--अमेजन को भारत में निवेश करने से रोका जाए : व्यापार संघ
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। अमेजन की ओर से भारत में 35 अरब डॉलर के
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। अमेजन की ओर से भारत में 35 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा पर व्यापारियों ने चिंता जताते हुए विरोध किया है। दिल्ली व्यापार महासंघ का कहना है कि अगर विदेशी कंपनियों ने भारत में व्यापार बढ़ाया तो देश के छोटे व्यापारी उनसे मुकाबला नहीं कर पाएंगे और धीरे-धीरे कारोबार खत्म हो जाएगा। उन्होंने इस निवेश को तत्काल रोकने की मांग की है। दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा का कहना है कि अमेजन जैसी कंपनियों की अपार पूंजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रणनीतियां, भारी डिस्काउंट और आक्रामक मार्केटिंग के सामने छोटा भारतीय दुकानदार नहीं टिक सकता।
उसकी इन्वेंट्री सीमित है, किराया व खर्च ज्यादा है। महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर का कहना है कि भारत के घरेलू उत्पादकों पर भी गहरा खतरा मंडरा रहा है। अमेजन अपने उत्पाद भारतीय उत्पादकों के मुकाबले सस्ते में उतार देता है। इसकी वजह से छोटे उद्योग धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं। इससे देश के उत्पादन तंत्र, श्रमिक वर्ग और पारंपरिक उद्योगों को गंभीर नुकसान होने की आशंका और बढ़ने लगी है। दिल्ली व्यापार महासंघ का कहना है कि चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग, गांधी नगर, खारी बावली जैसे बाजार विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों की आक्रामक रणनीतियों के कारण समाप्त होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। यह न केवल आर्थिक बल्कि सांस्कृतिक विरासत पर भी आघात होगा। धीरे-धीरे ये सदियों पुरानी धरोहर खत्म हो जाएंगी।

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