Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsConcern Over Obesity Indian Minister Calls for Comprehensive Action
सोच-समझकर लें वजन घटाने वाली दवाएं

सोच-समझकर लें वजन घटाने वाली दवाएं

संक्षेप:

- मोटापे को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री ने जताई चिंता नई दिल्ली, एजेंसी।

Dec 20, 2025 09:50 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

- मोटापे को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री ने जताई चिंता नई दिल्ली, एजेंसी। भारत की सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक मोटापा है। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समग्र समाज से आह्वान किया। साथ ही उन्होंने वर्तमान में उपलब्ध वजन घटाने वाली या मोटापा-रोधी दवाओं का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करने की सलाह दी। बार-बार होने वाला विकार है मोटापा दो दिवसीय ‘एशिया ओशिनिया मोटापा सम्मेलन’ के उद्घाटन सत्र में मंत्री ने कहा कि मोटापा केवल एक सौंदर्य संबंधी या जीवनशैली से जुड़ी चिंता नहीं बल्कि एक जटिल, दीर्घकालिक और बार-बार होने वाला विकार है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और अन्य हितधारकों का एक मंच पर एकत्रित होना ही भारत में मोटापे की महामारी की बढ़ती गंभीरता को दर्शाता है। जिस प्रकार अर्थशास्त्र इतना गंभीर विषय है कि इसे केवल एक अर्थशास्त्री के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता, उसी प्रकार मोटापा भी इतना गंभीर विषय है कि इसे केवल एक डॉक्टर या महामारी विज्ञानी के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर की वजह डॉ. सिंह ने बताया कि भारत में मोटापे से जुड़े गैर-संक्रामक रोगों में चिंताजनक वृद्धि हो रही है, जो कुल मृत्यु दर में लगभग 63 प्रतिशत का योगदान करते हैं। उन्होंने बताया कि टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग और कुछ प्रकार के कैंसर जैसी बीमारियों की वजह मोटापा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 से स्वास्थ्य राष्ट्रीय नीति नर्मिाण के केंद्र में आ गया है और सरकार रोकथाम, सामर्थ्य और प्रारंभिक हस्तक्षेप पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने आयुष मंत्रालय के माध्यम से पारंपरिक चिकत्सिा प्रणालियों को एकीकृत करने पर सरकार के जोर को भी रेखांकित किया। गलत सूचनाओं से रहें दूर उन्होंने मोटापे के प्रबंधन से जुड़ी गलत सूचनाओं के प्रति आगाह किया और मिथकों व गलत सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए निरंतर प्रयासों का आह्वान किया। युवा पीढ़ी तक पहुंचने की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि जन जागरूकता को सम्मेलनों और चर्चाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कहा, 2047 तक एक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए भारत के युवाओं के स्वास्थ्य और ऊर्जा की रक्षा करना आवश्यक है।