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हिंदी न्यूज़ NCR नई दिल्लीकोयला संकट: अक्तूबर की शुरुआत में ही बिजली की मांग 4.9 फीसदी बढ़ी

कोयला संकट: अक्तूबर की शुरुआत में ही बिजली की मांग 4.9 फीसदी बढ़ी

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीNewswrap
Sat, 16 Oct 2021 11:40 PM
कोयला संकट: अक्तूबर की शुरुआत में ही बिजली की मांग 4.9 फीसदी बढ़ी

नई दिल्ली। एजेंसी

कोयला संकट के बीच अक्तूबर की शुरुआत में ही देश में बिजली की मांग में 4.9 फीसदी की वृद्धि हुई है। देश में बिजली की जितनी मांग थी आपूर्ति उससे 1.4 प्रतिशत कम हुई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

कोरोना महामारी की भयावह दूसरी लहर के बाद अभूतपूर्व दर से आर्थिक गतिविधियों में उछाल आया है, जिससे देश में बिजली की मांग ने ऊंचाइयों को छू लिया। इसके परिणामस्वरूप कोयला संकट पैदा हो गया। यह स्थिति तब है जब कोयले से चलने वाले उत्पादन में 3.2 फीसदी की वृद्धि और सौर उत्पादन में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में सरकार के आंकड़ों का विश्लेषण करके दिखाया गया है। कोयले की कमी ने राजस्थान और पंजाब सहित कई उत्तरी राज्यों को इस महीने बिजली कटौती के लिए दिन में 14 घंटे तक मजबूर किया है। इस संकट को देखते हुए कोल इंडिया ने कहा था कि वह पावर सेक्टर के अलावा किसी और को कोयले की आपूर्ति नहीं करेगा।

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क्या है वजह

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड की दूसरी लहर खत्म होने के बाद आर्थिक गतिविधियों में बड़ी तेजी देखी जा रही है। इसका असर यह हुआ कि कोयले की कमी से बिजली की आपूर्ति कम हो गई। जिस दर से बिजली की मांग बढ़ी, उस दर से थर्मल पावर प्लांट में कोयले की आपूर्ति नहीं हुई। इसका बड़ा प्रभाव उत्तर भारत के कई प्रांतों में दिखा है।

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वैश्विक बाजार में बढ़ गए दाम

घरेलू स्तर पर बिजली की मांग बढ़ने और कोयले की कमी ने बिजली संकट को ज्यादा बढ़ा दिया। इसकी बड़ी वजह कई वैश्विक फैक्टर भी रहे। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशों से कोयला मंगाता है। फिर इन कोयलों को थर्मल प्लांट में भेजा जाता है। दुनिया के बाजारों ने मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए कोयले के दाम में इजाफा किया है। हालांकि विदेशी बाजारों में कहा जा रहा है कि भारी बारिश और तूफान के चलते कोयले के खनन में कमी आई है। लिहाजा कमी के चलते मांग में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

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