
नबन्ना अभियान के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में तीखी झड़पें
नोटःः यह खबर पूर्व में शीर्षक ‘कोलकाता मामलाःःः नबन्ना अभियान में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के
कोलकाता, एजेंसी। आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर से दरिंदगी के मामले में मंगलवार को छात्रों के ‘नबन्ना अभियान के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर तीखी झड़पें हुईं। राज्य सचिवालय ‘नबन्ना की ओर मार्च की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारों तथा आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर और ईंटें फेंकी और अवरोधकों को गिराने का प्रयास किया। इस दौरान 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। झड़पों में कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए। एडीजी (कानून व्यवस्था) ने कहा कि राज्य पुलिस क्षेत्र में हमने 94 लोगों को गिरफ्तार किया है। कोलकाता पुलिस के सूत्रों के अनुसार, रैली के आयोजकों में से एक पश्चिम बंग छात्र समाज के 126 सदस्यों और समर्थकों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 33 महिलाएं थीं।

सड़कों पर पत्थरबाजी और लाठीचार्ज
हावड़ा मैदान इलाके में जीटी रोड पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। हेस्टिंग्स और एमजी रोड इलाके में भी ऐसे ही हालात दिखे। वहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। पुलिस इन लोगों को खदेड़ते दिखी। पुलिस ने हावड़ा ब्रिज के कोलकाता छोर पर और कोना एक्सप्रेसवे पर संतरागाछी रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस ने कहा कि कुछ जगहों पर आंदोलनकारियों ने अवरोधकों को पार करने का प्रयास किया और सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े।
वरिष्ठ मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि पुलिस ने नबन्ना अभियान के दौरान उकसावे के आगे झुके बिना भीड़ को नियंत्रित करने में सराहनीय काम किया।
छात्र और कर्मचारी संगठन ने मार्च का आह्वान किया
नबन्ना तक मार्च का आह्वान अपंजीकृत छात्र संगठन पश्चिम बंगा छात्र समाज (पश्चिम बंगाल छात्र समुदाय) और राज्य सरकार के असंतुष्ट कर्मचारियों के संगठन ‘संग्रामी जौथा मंच ने अलग-अलग किया था। इस नबन्ना अभियान में मुख्य रूप से युवा शामिल थे। वे आरजी अस्पताल की महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
कई छात्र भी घायल
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई में कई छात्र भी घायल हुए हैं। एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, हमें पुलिस ने क्यों पीटा? हमने कोई कानून नहीं तोड़ा। हम मृतक डॉक्टर के लिए न्याय की मांग करने के लिए शांतिपूर्ण रैली कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


