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चीन बना रहा दुनिया का पहला तैरता हुआ कृत्रिम द्वीप

चीन बना रहा दुनिया का पहला तैरता हुआ कृत्रिम द्वीप

संक्षेप:

चीन एक तैरते हुए कृत्रिम द्वीप पर काम कर रहा है जो न्यूक्लियर धमाके की झटके को सहन कर सकता है। यह द्वीप गहरे समुद्र की खोज, मौसम और समुद्र के बदलावों का अध्ययन करने के लिए बनाया जा रहा है। इसका निर्माण 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है।

Sat, 22 Nov 2025 12:38 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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बीजिंग, एजेंसी। चीन एक खास तरह का तैरता हुआ आर्टिफिशियल आइलैंड (कृत्रिम द्वीप) पर काम कर रहा है। यह इतना मजबूत बनाया जा रहा है कि न्यूक्लियर धमाके की शॉक वेव (झटके) को भी सह सके। इसे एक खास रिसर्च प्लेटफॉर्म के रूप में बनाया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म बहुत खराब मौसम में भी नहीं डगमगाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कैटेगरी-17 तूफान तक झेल सकता है, जो बेहद तेज तूफान होता है। इसकी दीवारों में एक खास तरह का सामान लगाया गया है, जो धमाके का जोर संभाल लेता है। यह दीवारें भारी स्टील से नहीं बनीं, लेकिन फिर भी धमाके की ताकत को कम कर देती हैं।

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माना जा रहा है कि यह तैरता हुआ द्वीप 2028 तक तैयार हो सकता है। चीन इसे गहरे समुद्र की खोज, मौसम और समुद्र के बदलावों को समझने, नई तकनीकें टेस्ट करने और समुद्र पर रिसर्च करने के लिए इस्तेमाल करेगा। बॉक्स - यह तैरता हुआ द्वीप लगभग 138 मीटर लंबा और 85 मीटर चौड़ा होगा। इसका वजन लगभग 78,000 टन होगा, यानी कई समुद्री जहाजों जितना भारी। इसकी ऊंचाई इतनी होगी कि इसका बड़ा डेक समुद्र की सतह से 45 मीटर ऊपर रहेगा। इसमें 238 लोग चार महीने तक बिना किसी बाहरी सप्लाई के रह सकते हैं। यह 15 नॉट (लगभग 28 किमी/घंटा) की रफ्तार से भी चल सकता है।