चीन ने पीओके और अफगान सीमा के पास नया प्रांत बनाया
- उइगर आतंकियों की घुसपैठ को रोकने के लिए उठाया कदम रणनीतिक रूस से इसको काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

- उइगर आतंकियों की घुसपैठ को रोकने के लिए उठाया कदम बीजिंग, एजेंसी। चीन ने शिनजियांग प्रांत में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और अफगानिस्तान की सीमा के पास एक नया प्रांत बनाया है। रणनीतिक रूस से इसको काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।चीन ने यह कदम वाखान कॉरिडोर के जरिये उइगर आतंकियों की घुसपैठ को रोकने के लिए उठाया है। इसे सुरक्षा मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। 'सेनलिंग' नामक यह नया प्रांत काराकोरम पर्वत शृंखला के पास स्थित है और पीओके तथा अफगानिस्तान की सीमाओं के करीब है, जिससे इसका सामरिक महत्व बढ़ जाता है।
पिछले एक वर्ष में शिनजियांग में यह तीसरा नया प्रांत है। शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र की सरकार ने 26 मार्च को सेनलिंग प्रांत की स्थापना की घोषणा की थी। हालांकि इसकी प्रशासनिक सीमाओं और ढांचे का पूरा विवरण अभी सामने नहीं आया है। यह प्रांत काशगर प्रांत के अधीन रहेगा। काशगर प्राचीन सिल्क रूट पर स्थित एक ऐतिहासिक शहर है। इसको चीन को दक्षिण और मध्य एशिया से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण द्वार माना जाता है। यहीं से 60 अरब डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना की शुरुआत होती है, जो पीओके से होकर गुजरती है और जिसका भारत विरोध करता रहा है।रणनीति का कदमविशेषज्ञों के अनुसार सेनलिंग प्रांत का गठन चीन के सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। शंघाई स्थित फुदान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लिन मिनवांग के मुताबिक यह कदम क्षेत्र के सामरिक महत्व को लेकर चीन की बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। चीन को पहले से चिंता थी कि ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआईएम) के उइगर आतंकी इसी रास्ते से शिनजियांग में प्रवेश कर सकते हैं।भारत ने जताई थी आपत्तिभारत ने पिछले साल 'हेआन' और 'हेकांग' प्रांत के गठन पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि इनके कुछ हिस्से भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के अंतर्गत आते हैं। हेआन प्रांत में अक्साई चिन का बड़ा हिस्सा शामिल है, जिस पर 1962 के युद्ध के बाद से चीन का कब्जा है। यह भारत-चीन सीमा विवाद का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
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