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बच्चे स्कूल जाने को उत्साहित, अभिभावकों में हिचक

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीNewswrap
Thu, 28 Oct 2021 07:10 PM
बच्चे स्कूल जाने को उत्साहित, अभिभावकों में हिचक

कैसे भेजे स्कूल

-स्कूल परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने से कर रहे इनकार

अभी तक स्कूल की तरफ से नहीं दी गई कोई जानकारी

नई दिल्ली। कार्यालय संवाददाता

स्कूल खुलने के ऐलान के बाद से छोटे बच्चे बेहद उत्साहित हैं। हालांकि कोरोना के चलते ज्यादातर अभिभावक इस बारे में कोई फैसला लेने में हिचक रहे हैं। वहीं अपने बच्चों को स्कूल भेजने की इच्छा रखने वाले अभिभावक उन्हें उचित कोरोना व्यवहार की सीख देने में जुट गए हैं। वहीं काफी अभिभावक इस बारे में पूरी जानकारी न मिल पाने के चलते असमंजस में हैं।

बिन वैक्सीन के कैसे भेजूं बेटे को

अपने बेटे को शिवाजी पार्क स्थित निजी स्कूल में पढ़ाने वाली छठीं कक्षा के छात्र की मां प्रियंका चौधरी ने बताया कि अभी उनकी बेटे को स्कूल भेजने की कोई इच्छा नहीं है। पहले कुछ दिन माहौल देखेंगे कि स्कूलों में कैसे पढ़ाई होती है। उसके बाद स्कूल भेजने के संबंध में कोई निर्णय लेंगे। अभी बच्चों को कोरोना वैक्सीन नहीं लगी है, ऐसे में संक्रमण से बचाव को लेकर कोई सुरक्षा नहीं है।

त्यौहारी सीजन में घर पर पढ़ाई ज्यादा सुरक्षित

कड़कड़डूमा स्थित एक नामी स्कूल में पढ़ने वाले दक्ष की मां प्रियंका का कहना है कि त्यौहारी सीजन में फिलहाल घर पर ऑनलाइन पढ़ाई ज्यादा सुरक्षित है। जिस हिसाब से बाजारों में भीड़ है उससे लग रहा है कि कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा स्कूल द्वारा परिवहन व्यवस्था को लेकर भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। स्कूल अगर परिवहन उपलब्ध भी कराते हैं तो उसमें बच्चे कैसे सुरक्षित जाएंगे उसको लेकर भी मन में कई तरह का डर है।

जरूर भेजूंगा स्कूल बेटी को

तेलीवाड़ा इलाके में रहने वाले मोहित शर्मा ने कहा कि वह अपनी बेटी को स्कूल जरूर भेंजेंगे। नर्सरी कक्षा में दाखिला के बाद ही स्कूल बंद हो गए थे। अब बेटी केजी में आ गई है। कोरोना भी नियंत्रण में है। मास्क लगाने और हाथ धोने को लेकर बेटी के अंदर समझ पैदा हो गई है। बेटी से भी जब स्कूल जाने को लेकर पूछते है तो वह हां करती है। लेकिन अभी तक स्कूल की ओर से बच्चों के लिए स्कूल खुलने को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है।

कोरोना के बारे में रहे बता

रोहिणी में रहने वाली अर्चना शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी ने स्कूल जाने को लेकर इच्छा जताई है। हम भी बेटी को स्कूल भेजना चाहते है। पिछले डेढ़ साल से ज्यादा समय से ऑनलाइन कक्षा हो रही है। बच्चों के अंदर कोविड नियमों की समझ पैदा हो गई है। स्कूल द्वारा भी इस संबंध में समय-समय पर काउंसलिंग की जाती है। बेटी के लिए हैंड सैनेटाइजर, मास्क सहित दूसरी चीजें ला दीं है। स्कूल में खाना सहित दूसरी चीजों के साझा न करने के बारे में बता रहे है।

स्कूल जाने को लेकर बच्चे बोले

चौथी कक्षा में पढ़ने वाली नेहल ने बताया कि वह स्कूल जाने को लेकर उत्साहित है। घर पर काफी समय से ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई में काफी फर्क होता है। ऑनलाइन पढ़ाई से अब ऊब चुकी हूं। स्कूल में जाकर अपने दूसरे साथियों के बैठकर पढ़ने की इच्छा है। लेकिन अभी मम्मी कोरोना के चलते स्कूल भेजने से मना कर रही है।

दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली प्रनिका शर्मा ने बताया कि वह स्कूल जाने को लेकर बेकरार है। मम्मी-पापा ने स्कूल में पढ़ाई के दौरान किन बातों का ध्यान रखना है उसको लेकर जानकारी देना शुरू कर दिया है। कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर छोटे वाला सैनेटाइजर भी खरीदकर ला दिया है।

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