अपडेट: मैं बौद्ध हूं, पर सभी धर्मों में विश्वास रखता हूं: सीजेआई

अपडेट: मैं बौद्ध हूं, पर सभी धर्मों में विश्वास रखता हूं: सीजेआई

संक्षेप:

भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा कि वे बौद्ध धर्म का पालन करते हैं लेकिन एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं। विदाई समारोह में उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया और अपने जीवन की साधारण पृष्ठभूमि को साझा किया। उन्होंने संविधान के चार सिद्धांतों पर जीने की कोशिश की और न्यायालय में सहयोग पर जोर दिया।

Nov 20, 2025 10:25 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने गुरुवार को कहा कि वह बौद्ध धर्म का पालन करते हैं, लेकिन वह वास्तव में एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं, जो सभी धर्मों में विश्वास रखते हैं। सीजेआई सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (एससीएओआरए) द्वारा उनकी सेवानिवृति से पहले आयोजित विदाई समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और वह इस संस्था के प्रति आभारी हैं। अपने और न्यायमूर्ति सूर्यकांत के शुरुआती जीवन को याद करते हुए जस्टिस गवई ने कहा कि दोनों की पृष्ठभूमि साधारण थी। उन्होंने अमरावती के एक झुग्गी-झोपड़ी इलाके में स्थित नगरपालिका स्कूल में पढ़ाई की, जबकि न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने हिसार के एक गांव के स्कूल में पढ़ाई की।

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उन्होंने कहा कि संविधान, इसमें निहित मूल्य और डॉ. आंबेडकर के कार्यों ने नगरपालिका स्कूल में पढ़कर किसी व्यक्ति के लिए इस पद तक पहुंचना संभव बनाया। सीजेआई ने कहा कि उन्होंने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के चार संवैधानिक सिद्धांतों के अनुसार जीने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके पद संभालने के बाद, कोर्ट ने चीफ जस्टिस पर फोकस करने के बजाय मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा लिए गए कई फैसले बार की मांगों पर आधारित थे। ये सभी जजों ने मिलकर लिए थे। उन्होंने कहा कि पूरी कोर्ट ने बार से जुड़े मुद्दों को जैसे ही उनके सामने रखा, उन्हें सुलझाने की कोशिश की। जस्टिस गवई ने जज के तौर पर अपने साढ़े छह साल और चीफ जस्टिस के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान एससीएओआरए के सहयोग के लिए उनका शुक्रिया अदा किया। उन्होंने यह कहकर बात खत्म की कि अपने 40 साल से ज्यादा के सफर में उन्होंने कानून के राज, कानून की शान और संवैधानिक सिद्धांतों को बनाए रखने की कोशिश की है।