एनसीपी नेता की हत्या मामले में अमित जोगी को उम्रकैद

Apr 06, 2026 05:50 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की हत्या में अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि अमित जोगी इस साजिश के 'मास्टरमाइंड' थे। जग्गी की हत्या 2003 में हुई थी। अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, और सतीश जग्गी ने निर्णय का स्वागत किया।

एनसीपी नेता की हत्या मामले में अमित जोगी को उम्रकैद

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की हत्या मामले में पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र और पूर्व विधायक अमित जोगी को उम्रकैद सुनाई है। जग्गी की हत्या 2003 में हुई थी। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की पीठ ने दो अप्रैल के अपने आदेश में निचली अदालत द्वारा 2007 में दिए फैसले को रद्द कर दिया। सुनवाई अदालत ने अमित जोगी को बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने सुनवाई अदालत के फैसले को ‘स्पष्ट रूप से गैर कानूनी, गलत और रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों के विपरीत माना। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के और धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया।

इसके अलावा हाईकोर्ट ने जोगी पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि सबूतों से अमित जोगी की मुख्य भूमिका साफ तौर पर साबित होती है। अदालत ने अमित जोगी को इस साजिश का ‘मास्टरमाइंड’ बताया। अदालत ने कहा कि जिस बड़े पैमाने पर इस साजिश की योजना बनाई गई थी उससे यह साफ जाहिर होता है कि इसके पीछे कोई ऐसा व्यक्ति था जिसकी इस पूरे मामले पर पूरी पकड़ थी और जो इसे नियंत्रित कर रहा था। हाईकोर्ट ने कहा कि अमित जोगी जमानत पर है। उनके जमानत बॉन्ड आज से तीन सप्ताह तक तक प्रभावी रहेंगे, इस अवधि के दौरान उन्हें संबंधित अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा।यह था मामलायह मामला रामावतार जग्गी की हत्या से जुड़ा है, जिन्हें चार जून, 2003 की देर रात रायपुर के मौदाहापारा पुलिस थाना क्षेत्र में अपनी कार से यात्रा करते समय गोली मार दी गई थी। उसी रात करीब 2.15 बजे अस्पताल में जग्गी की मौत हो गई थी। पुलिस ने शुरू में हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया था, जिसे बाद में हत्या के मामले में तब्दील कर दिया गया। तब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और अजीत जोगी मुख्यमंत्री थे।अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कियाफैसले के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अमित जोगी ने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मेरा पक्ष सुने बिना अपील स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 25 मार्च और दो अप्रैल को मेरे खिलाफ हाईकोर्ट ने जो आदेश पारित किए थे उसको वह सुनेगा और 20 अप्रैल को अपना फैसला देगा। अमित जोगी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि मुझे अवश्य न्याय मिलेगा।सुप्रीम कोर्ट से जोगी के लिए मृत्युदंड की मांग करेंगे : सतीश जग्गीसतीश जग्गी ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया और न्यायपालिका, सीबीआई तथा अपनी कानूनी टीम का शुक्रिया अदा किया। सतीश ने कहा कि इस फैसले से न्याय व्यवस्था में उनके परिवार का भरोसा और मजबूत हुआ है। सतीश ने कहा कि अगर उन्हें उच्चतम न्यायालय में मौका मिला, तो वह अमित जोगी की सजा को बढ़ाकर मृत्युदंड करने का अनुरोध करेंगे।

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