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नई दिल्ली

फर्जी कॉल सेंटर के जरिए नौकरी के नाम पर 400 युवाओं से ठगी

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 06:40 PM
फर्जी कॉल सेंटर के जरिए नौकरी के नाम पर 400 युवाओं से ठगी

खुलासा

- साइबर सेल ने सरगना दो भाइयों को गिरफ्तार किया

- 35 लाख रुपये की ठगी का पता चला अभी तक की जांच में

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाता

उत्तर पश्चिम जिला साइबर सेल ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में नौकरी का झांसा देकर करीब चार सौ युवाओं से ठगी में लिप्त फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बुधवार को गिरोह के सरगना दो भाइयों को गिरफ्तार कर लैपटॉप व बैंक दस्तावेज आदि बरामद किए हैं। अभी तक की जांच में 35 लाख रुपये की ठगी का पता चला है। आरोपी जस्ट डायल से युवाओं का डाटा लेकर फर्जी कागजातों पर जारी नंबर से उन्हें कॉल कर झांसे में लेते थे। इतना ही नहीं, आरोपी ऑनलाइन साक्षात्कार भी लेते थे ताकि पीड़ितों को शक न हो। इसके बाद अलग-अलग शुल्क के नाम पर हजारों रुपये जमा करा लेते थे।

पुलिस के अनुसार, आदर्श नगर थाने में इस गिरोह के शिकार एक शख्स ने शिकायत दी थी। पीड़ित अभय प्रजापति ने अपनी शिकायत में बताया कि मार्च महीने में उन्हें दो मोबाइल नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वालों ने बताया कि वे प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी के एचआर विभाग से हैं। आरोपियों ने कंपनी में 43 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी का प्रस्ताव दिया। इसके बाद पीड़ित का ऑनलाइन साक्षात्कार लेने के साथ ही करीब अलग-अलग शुल्क के नाम पर 3600 रुपये जमा करा लिए। इसके बाद भी नौकरी नहीं मिली तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने 15 जून को एफआईआर दर्ज कराई।

बैंक खातों और मोबाइल नंबर से मिली लोकेशन

एफआईआर दर्ज करने के बाद साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम को मामले की जांच सौंपी गई। एसआई सीताराम को फोन नंबर, ई-मेल आईडी के आईपी एड्रेस खंगालने का जिम्मा सौंपा गया तो एसआई मुक्ता एवं हेडकांस्टेबल नीरज को बैंक डिटेल्स खंगालने की जिम्मेदारी दी गई। इस जांच के बाद टीम ने बुराड़ी और भलस्वा डेयरी इलाके से सगे भाइयों विकास और आकाश को गिरफ्तार कर लिया।

तीन वर्षों से सक्रिय था गिरोह

यह गिरोह बीते तीन वर्षों से आजादपुर स्थित एक टॉवर में फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। आरोपी, पीड़ितों से छोटी राशि जमा कराते थे ताकि वे पुलिस से जल्दी शिकायत न करें। पुलिस अधिकारी के अनुसार, दोनों भाई बारहवीं तक पढ़े हुए हैं। आरोपी ठगी के रुपये को जमा कराने के लिए अपने पिता के नाम पर खुले बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे। इनके कब्जे से छह फोन, लैपटॉप और बैंक पासबुक बरामद किए गए हैं।

फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल

दोनों भाई फर्जी दस्तावेजों पर जारी सिम कार्ड का उपयोग ठगी के लिए करते थे। ये जस्ट डायल से अपनी जरूरत का डाटा खरीदते थे। इसके लिए वे भी इन्हीं सिम का इस्तेमाल करते थे। इस वजह से पुलिस को इन्हें ढूंढ़ने में काफी दिक्कत आई।

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पुलिस की अपील- सावधान रहें

हाल के दिनों में नौकरी के नाम पर ठगी की कई वारदात सामने आई हैं। साइबर सेल की टीम इस तरह की शिकायत सामने आने पर त्वरित कार्रवाई कर रही है। सभी से अपील है कि वे सावधान रहें।

- ऊषा रंगनानी, डीसीपी, उत्तर पश्चिम जिला

ये एहतियात बरतें

1. सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर ही नौकरी का बायोडाटा अपलोड करें और वहीं से किसी तरह की जानकारी हासिल करें।

2. किसी भी कंपनी से फोन आए तो संबंधित संस्था के कार्यालय से संपर्क कर जानकारी को पुष्ट जरूर करें।

3. किसी के भी कहने पर तुरंत कहीं रुपये न जमा कराएं। इसके विषय में माता-पिता या अन्य जानकारों से बात जरूर करें।

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हाल की घटनाएं

11 मार्च 2021

पश्चिम जिला साइबर सेल ने फर्जी कॉल सेंटर के जरिए नौकरी का झांसा देकर युवाओं से ठगी करने वाले सात लोगों को गिरफ्तार किया था।

7 फरवरी 2021

उत्तर पश्चिम जिला साइबर सेल ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी फर्जी कॉल सेंटर के जरिए नौकरी के नाम पर ठगी करते थे।

23 दिसंबर 2020

पूर्वी जिला साइबर सेल ने लक्ष्मी नगर स्थित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।

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